भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट सख्त, प्लाटून कमांडर चयन निरस्त कर फिर से आवेदन का आदेश

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। कोर्ट ने नए सिरे से चयन प्रक्रिया के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए हैं। आरोप था कि लिखित व शारीरिक परीक्षा के पहले ही नियमविरुद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मप्र नगर सेना वर्ग-तीन भर्ती नियम, 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199

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Published On :

अप्रैल 1, 2026

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जबलपुर

हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। कोर्ट ने नए सिरे से चयन प्रक्रिया के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए हैं।

आरोप था कि लिखित व शारीरिक परीक्षा के पहले ही नियमविरुद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मप्र नगर सेना वर्ग-तीन भर्ती नियम, 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद हैं। इनमें से छह प्रतिशत पद इन-सर्विस उम्मीदवारों से भरे जाते हैं।

होमगार्ड डीजी ने 27 जनवरी, 2026 को चार पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस पद के लिए कुल 24 लोगों ने आवेदन किया था। नियमानुसार शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों का एसीआर देखने के बाद चयन सूची जारी करती है।

दलील दी गई कि नियमविरुद्ध तरीके से परीक्षा के पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी ने याचिकाकर्ता सहित छह उम्मीदवारों को अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया।

कोर्ट को बताया गया कि भोपाल में 16 मार्च शारीरिक परीक्षण और 17 को लिखित परीक्षा आयोजित थी, लेकिन विभाग ने 13 मार्च को ही 18 पात्र उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। दलील दी गई कि पूरी प्रक्रिया विधि-सम्मत नहीं है।

 

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