हाई कोर्ट जज की सख्त टिप्पणी: गुरु का आदर न करने वालों पर तीखा प्रहार

मद्रास मद्रास हाईकोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन नए विवाद में पड़ गए हैं। खबर है कि एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कह दिया कि आध्यात्मिक गुरुओं को नहीं मानने वाले दुष्ट होते हैं। मदुरै की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर 'कार्तिगई दीपम्' जलाने के मामले में जस्टिस स्वामीनाथन विवादों में आ गए थे। उन्होंने 1 दिसंबर 2025 में उन रिट याचिकाओं को स्वीकार किया था, जिसमें दीप जलाने की अनुमति मांगी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जज ने कहा, 'तमिलनाडु में कुछ लोग खुद को रेशनलिस्ट (तर्कवादी) कहते हैं। वो हमें बदमाश, मूर्ख और क्रूर कहते हैं, क्योंकि हम गुरु को भगवान

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Published On :

फ़रवरी 23, 2026

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मद्रास
मद्रास हाईकोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन नए विवाद में पड़ गए हैं। खबर है कि एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कह दिया कि आध्यात्मिक गुरुओं को नहीं मानने वाले दुष्ट होते हैं। मदुरै की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर 'कार्तिगई दीपम्' जलाने के मामले में जस्टिस स्वामीनाथन विवादों में आ गए थे। उन्होंने 1 दिसंबर 2025 में उन रिट याचिकाओं को स्वीकार किया था, जिसमें दीप जलाने की अनुमति मांगी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जज ने कहा, 'तमिलनाडु में कुछ लोग खुद को रेशनलिस्ट (तर्कवादी) कहते हैं। वो हमें बदमाश, मूर्ख और क्रूर कहते हैं, क्योंकि हम गुरु को भगवान के रूप में देखते हैं। मैं कहता हूं कि ऐसा कहने वाले ही बदमाश, मूर्ख और क्रूर हैं।' वह तमिलनाडु में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में पहुंचे थे और कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, 'मेरी सेवा चार साल की और बची है। मुझे लगता है कि मुझे आगे आना चाहिए और हिम्मत के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।' इस दौरान उन्होंने मुश्किल समय में आध्यात्मिक मार्गदर्शन की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें हिम्मत और समर्थन गुरु के आशीर्वाद से मिला है। जज बताते हैं कि वह अभी तेनकासी के पास एक योगी के संपर्क में हैं।

जब वेदों को लेकर दिया बयान
कुछ समय पहले जस्टिस स्वामीनाथ ने वेदों को लेकर भी बयान दे दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा था, 'अगर हम वेदों की रक्षा करेंगे, तो वेद हमारी रक्षा करेंगे।' इस बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगाए जा रहे थे कि जज संविधान के ऊपर धार्मिक बातों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

क्या था दीप जलाने का मामला
जस्टिस स्वामीनाथन ने एक दिसंबर, 2025 को उन रिट याचिकाओं को स्वीकार कर लिया था जिनमें एक दरगाह के निकट तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित पत्थर के दीप स्तंभ 'दीपथून' पर कार्तिकई दीपम् को प्रज्वलित करने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो जस्टिस स्वामीनाथन ने तीन दिसंबर को एक और आदेश पारित किया जिसमें श्रद्धालुओं को स्वयं दीपक जलाने की अनुमति दी गई और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत का रुख किया।

 

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