Helina Missile : भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों से दागी जाएगी हेलिना मिसाइल, HAL का BDL को बड़ा ऑर्डर

भारतीय सेना की ताकत को और मजबूत करने के लिए हेलिना एंटी टैंक मिसाइल को अब हेलीकॉप्टरों से दागने की तैयारी तेज हो गई है। HAL ने BDL को बड़ा ऑर्डर दिया है, जिससे रक्षा उत्पादन को नई गति मिलेगी। आखिर यह मिसाइल कितनी खतरनाक है और इसका इस्तेमाल कैसे बदलेगा युद्ध रणनीति? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Helina Missile

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 26, 2026

Helina Missile : भारतीय रक्षा उद्योग में आत्मनिर्भरता को नई गति देते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) को एक महत्वपूर्ण अनुबंध सौंपा है। यह ऑर्डर 1,347.71 करोड़ रुपये का है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वदेशी एंटी-टैंक मिसाइल प्रणाली ‘हेलिना’ (HELINA) को और अधिक शक्तिशाली और आधुनिक बनाना है। इस रणनीतिक सौदे के तहत हेलिना मिसाइल लॉन्चर और इससे जुड़े जटिल उपकरणों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा। इस कुल बजट में से 1,109.37 करोड़ रुपये की राशि विशेष रूप से हेलिना लॉन्चर और अत्याधुनिक ‘लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स’ (LRUs) के निर्माण के लिए निर्धारित की गई है।

क्या है हेलिना (HELINA) और इसकी मारक क्षमता?

हेलिना का विस्तृत अर्थ ‘हेलीकॉप्टर लॉन्च्ड नाग’ (Helicopter-launched NAG) है। यह भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई तीसरी पीढ़ी की एक अत्यंत घातक “फायर एंड फॉरगेट” एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा निर्मित यह मिसाइल प्रणाली अपनी सटीकता के लिए जानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक बार लक्ष्य (टारगेट) निर्धारित कर देने के बाद, यह मिसाइल पूरी तरह से स्वायत्त होकर दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों या टैंकों को सटीक निशाना बनाती है। इस प्रणाली के शामिल होने से भारतीय सेना की दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने की क्षमता में कई गुना इजाफा हुआ है।

रुद्र और प्रचंड हेलीकॉप्टरों की बढ़ेगी मारक शक्ति

यह नया मिसाइल लॉन्चर सिस्टम भारतीय सेना के अत्याधुनिक अटैक हेलीकॉप्टर—’रुद्र’ और ‘प्रचंड’—पर तैनात किया जाएगा। इन लॉन्चरों के लगने से हमारे हेलीकॉप्टर दुश्मन की पहुंच से सुरक्षित दूरी पर रहते हुए भी सटीक हमला करने में सक्षम हो जाएंगे। यह सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात हमारे लड़ाकू विमानों की एंटी-आर्मर क्षमता को एक अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युद्ध के मैदान में दुश्मन के बख्तरबंद ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह किया जा सकेगा।

हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा के लिए ‘काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम’

इस अनुबंध का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा ‘काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम’ (CMDS) है, जिस पर 238.34 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। CMDS एक उन्नत एयरबोर्न डिफेंस सिस्टम है, जो हेलीकॉप्टरों को दुश्मन के रडार-गाइडेड और इंफ्रारेड (IR) मिसाइलों से सुरक्षा प्रदान करता है। जब भी हेलीकॉप्टर पर किसी मिसाइल का खतरा महसूस होता है, तो यह सिस्टम स्वचालित रूप से ‘चैफ’ और ‘फ्लेयर्स’ को हवा में छोड़ देता है। ये डिकॉय दुश्मन की मिसाइलों को भ्रमित कर देते हैं, जिससे वे अपने असली लक्ष्य से भटक जाती हैं और हमारा हेलीकॉप्टर सुरक्षित रहता है।

आपूर्ति की समय-सीमा और भविष्य की राह

BDL ने सुनिश्चित किया है कि इस ऑर्डर को अगले 24 से 60 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। आगामी पांच वर्षों में, यह आपूर्ति भारतीय थल सेना और वायुसेना के अटैक हेलीकॉप्टर बेड़े को आधुनिक सुरक्षा कवच और घातक मारक क्षमता से सुसज्जित कर देगी। स्वदेशी हथियारों के निर्माण के प्रति यह प्रतिबद्धता ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बल देती है और भविष्य की चुनौतियों के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान प्रदान करती है।