Haryana News: हरियाणा में सरकारी राशन व्यवस्था से जुड़े लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। ऐसे राशन कार्ड धारक जो लंबे समय से अपने नजदीकी राशन डिपो से गेहूं, चावल या अन्य निर्धारित खाद्यान्न नहीं ले रहे हैं, उनके राशन कार्ड पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार अब ऐसे निष्क्रिय राशन कार्डों की पहचान कर उनका सत्यापन कराने की प्रक्रिया में जुटी है।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग यानी क्रीड और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से ऐसे लाभार्थियों का डेटा जुटाया जा रहा है, जिन्होंने लंबे समय से सरकारी राशन नहीं लिया है। साथ ही उन कार्डधारकों की भी जानकारी खंगाली जा रही है, जिनकी डिपो पर राशन लेते समय बायोमीट्रिक उपस्थिति लंबे समय से दर्ज नहीं हुई है।
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करीब 1.5 से 2 लाख कार्डों की जांच
विभागीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, हरियाणा में करीब 1.5 लाख से 2 लाख राशन कार्ड ऐसे हो सकते हैं, जिनसे जुड़े परिवार लंबे समय से राशन डिपो पर खाद्यान्न लेने नहीं पहुंचे हैं। ऐसे कार्डों को निष्क्रिय मानते हुए उनकी जांच की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन कार्डों का इस्तेमाल वास्तविक लाभार्थियों द्वारा किया जा रहा है या नहीं। इसी प्रक्रिया के तहत कुछ निष्क्रिय राशन कार्डों को फिलहाल पोर्टल पर ब्लॉक करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
बीमारी या दूसरी वजह होने पर मिलेगा मौका
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी वास्तविक लाभार्थी का राशन कार्ड केवल इसलिए हमेशा के लिए बंद नहीं किया जाएगा कि उसने कुछ समय से राशन नहीं उठाया। यदि किसी परिवार के पास राशन नहीं लेने की उचित वजह है, जैसे गंभीर बीमारी, पारिवारिक परेशानी या कोई अन्य वैध कारण, तो वह अपना कार्ड दोबारा सक्रिय कराने के लिए आवेदन कर सकता है। ऐसे लाभार्थियों को अपनी पात्रता दोबारा साबित करनी होगी। इसके लिए आय, संपत्ति और परिवार से संबंधित पात्रता का फिर से सत्यापन कराया जा सकता है।
ग्रामीण लाभार्थियों के लिए शपथ पत्र जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे लाभार्थियों को दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान तहसीलदार या नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। इस दस्तावेज के जरिए लाभार्थी को राशन नहीं लेने की वजह और अपनी पात्रता से जुड़ी जानकारी देनी होगी। दस्तावेजों और जानकारी की जांच पूरी होने के बाद यदि परिवार सरकारी राशन योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करता पाया जाता है, तो उसका राशन कार्ड दोबारा सक्रिय किया जा सकता है।
सत्यापन के बाद फिर शुरू होगी राशन सुविधा
विभाग की इस प्रक्रिया का मकसद सरकारी राशन योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े कार्डों की जांच के जरिए रिकॉर्ड को अपडेट करने और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
ऐसे में हरियाणा के राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी है कि वे अपने राशन कार्ड की स्थिति और डिपो से राशन लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें। यदि किसी वजह से लंबे समय से राशन नहीं लिया है, तो कार्ड ब्लॉक होने की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क कर पात्रता और जरूरी दस्तावेजों के साथ उसे दोबारा सक्रिय कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।










