Haryana News: हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र यानी पीपीपी प्रणाली से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। इस नई व्यवस्था से उन नवविवाहित पुरुषों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका नाम विवाह पंजीकरण के दौरान गलती से या प्रक्रिया के तहत ससुराल पक्ष की फैमिली आईडी में जुड़ गया था। अब ऐसे पुरुष अपना नाम ससुराल की फैमिली आईडी से हटवाकर दोबारा अपने मूल परिवार की फैमिली आईडी में शामिल हो सकेंगे।
सरकार की यह पहल परिवार पहचान पत्र से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के उद्देश्य से की गई है। कई मामलों में विवाह पंजीकरण के समय पुरुष का नाम पत्नी के परिवार की आईडी में जुड़ जाता था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार को सरकारी योजनाओं, दस्तावेजों और पारिवारिक रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब नई सुविधा के लागू होने से इस तरह की समस्याओं का समाधान आसान हो जाएगा।
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हजारों परिवारों को मिलेगा लाभ
पीपीपी स्टेट को-ऑर्डिनेटर सतीश खोला ने जानकारी दी कि इस नई व्यवस्था से राज्य के हजारों परिवारों को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र हरियाणा में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में परिवार के सदस्यों का सही फैमिली आईडी में दर्ज होना जरूरी है।
नई सुविधा के तहत जिन पुरुषों का नाम ससुराल की फैमिली आईडी में दर्ज हो गया है, वे अब निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से अपना नाम हटवा सकेंगे। इसके बाद वे अपने माता-पिता या मूल परिवार की फैमिली आईडी में फिर से जोड़े जा सकेंगे। इससे परिवार का रिकॉर्ड सही होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आने वाली परेशानियां कम होंगी।
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में करनी होगी शिकायत
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्ति को अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत मिलने के बाद फील्ड को-ऑर्डिनेटर या प्रोग्रामर द्वारा मामला पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त संबंधित दस्तावेजों और जानकारी की जांच करेंगे।
जांच पूरी होने के बाद यदि मामला सही पाया जाता है, तो अतिरिक्त उपायुक्त की स्वीकृति के आधार पर नाम हटाने और मूल परिवार की फैमिली आईडी में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस व्यवस्था से प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।
पत्नी और बच्चों को भी जोड़ा जा सकेगा
नई व्यवस्था में परिवार की स्थिति के अनुसार पत्नी और बच्चों को भी सही फैमिली आईडी में जोड़ा जा सकेगा। यदि पत्नी और बच्चे अलग फैमिली आईडी में दर्ज हैं, तो स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें संबंधित व्यक्ति के साथ जोड़ा जा सकता है। वहीं, यदि पत्नी और बच्चे भी ससुराल की फैमिली आईडी में शामिल हैं, तो उन्हें भी मूल परिवार की फैमिली आईडी में स्थानांतरित किया जाएगा।
इससे पति, पत्नी और बच्चे एक ही फैमिली आईडी में दर्ज हो सकेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि परिवार का रिकॉर्ड सही रहे और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सके।
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सरकारी योजनाओं का लाभ लेना होगा आसान
परिवार पहचान पत्र में सही जानकारी दर्ज होने से सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, पेंशन, राशन कार्ड और अन्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। सरकार की यह नई सुविधा उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से फैमिली आईडी में गलत एंट्री के कारण परेशान थे।










