Indore Water Tragedy: इंदौर में दूषित पानी से मौतें, राहुल गांधी का हमला, मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप

क्या देश का सबसे स्वच्छ शहर 'मौत का केंद्र' बन गया है? इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से दर्जनों जान जाने के बाद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर 'ज़हर' बांटने का आरोप लगाया है। आखिर सिस्टम की किस चूक ने ली निर्दोषों की जान?

Indore Water Tragedy

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 2, 2026

Indore Water Tragedy: देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर में दूषित पीने के पानी से फैली उल्टी-दस्त की महामारी ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। अब तक इस बीमारी के कारण कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1400 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। अचानक फैली इस महामारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था और नगर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Indore Water Tragedy: स्वच्छता की पहचान वाले शहर में स्वास्थ्य संकट

इंदौर पिछले आठ वर्षों से लगातार भारत का सबसे स्वच्छ शहर चुना जाता रहा है। ऐसे शहर में गंदे पानी से महामारी फैलने की घटना ने आम नागरिकों को हैरान और भयभीत कर दिया है। प्रभावित इलाकों में घर-घर बीमारी फैलने से लोगों में डर का माहौल है और अस्पतालों पर मरीजों का भारी दबाव देखा जा रहा है।इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखा पोस्ट करते हुए इसे सरकार और प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया। राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में लोगों को पानी नहीं बल्कि “जहर” बांटा गया और प्रशासन गहरी नींद में सोता रहा।

Indore Water Tragedy: प्रशासन और नेताओं पर कार्रवाई की मांग

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब लोग बार-बार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, तो समय रहते पानी की सप्लाई बंद क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी पूछा कि सीवर का पानी पीने के पानी में कैसे मिला और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों व नेताओं पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने इसे जवाबदेही का सवाल बताया, न कि राजनीति।अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि साफ पानी कोई एहसान नहीं बल्कि नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिकार के हनन के लिए बीजेपी का “डबल इंजन” शासन, लापरवाह प्रशासन और असंवेदनशील नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्होंने मध्य प्रदेश को कुप्रशासन का “एपिसेंटर” बताते हुए पूर्व की अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया।

पाइपलाइन में रिसाव से गंदा हुआ पानी

इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि एक मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि भागीरथपुरा इलाके में पानी की मुख्य पाइपलाइन में रिसाव था। इसी रिसाव के कारण पीने का पानी दूषित हो गया और वहीं से बीमारी फैलनी शुरू हुई।

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शौचालय के ऊपर से गुजर रही थी पाइपलाइन

अधिकारियों के अनुसार, भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पाइपलाइन में लीकेज पाया गया था। इस पाइपलाइन के ठीक ऊपर एक शौचालय बना हुआ था, जिससे सीवर का पानी सप्लाई लाइन में मिल गया। इसी वजह से पूरे इलाके में गंदा पानी पहुंचा और महामारी फैल गई।स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए सर्वे में भागीरथपुरा के 1714 घरों में रहने वाले 8571 लोगों की जांच की गई। इनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण पाए गए, जिन्हें घर पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। अब तक 272 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 को छुट्टी मिल चुकी है।

कई मरीज आईसीयू में, हालात गंभीर

फिलहाल 201 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 32 की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर अब हालात को जल्द काबू में लाने का भारी दबाव है, जबकि शहरवासी जवाब और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार कर रहे हैं।

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