हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर कल्चर बढ़ा रहे 67 गाने किए डिलीट

चंडीगढ़. हरियाणा में गिरोह संस्कृति और हथियारों की हिंसक छवि को बढ़ावा देने वाले गीतों पर स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) व साइबर यूनिट की ऐतिहासिक कार्रवाई ने डिजिटल स्पेस में बड़ा बदलाव लाया है। एस.टी.एफ. और साइबर टीमों द्वारा की गई गहन जांच में पाया गया कि ऐसे गीत युवाओं को प्रभावित करते हैं, गैंगस्टरों की दिखावटी चमक-दमक को महिमामंडित करते हैं और अपराध की ओर आकर्षित करते हैं। इस खतरनाक रुझान को रोकते हुए हरियाणा पुलिस ने यू-ट्यूब, स्पॉटिफाई, अमेजन म्यूजिक, गाना और जियोसावन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध 67 आपत्तिजनक गीतों पर कार्रवाई की जिसके बाद अधिकांश डिजीटल कंटेंट

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Published On :

जनवरी 14, 2026

चंडीगढ़.

हरियाणा में गिरोह संस्कृति और हथियारों की हिंसक छवि को बढ़ावा देने वाले गीतों पर स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) व साइबर यूनिट की ऐतिहासिक कार्रवाई ने डिजिटल स्पेस में बड़ा बदलाव लाया है। एस.टी.एफ. और साइबर टीमों द्वारा की गई गहन जांच में पाया गया कि ऐसे गीत युवाओं को प्रभावित करते हैं, गैंगस्टरों की दिखावटी चमक-दमक को महिमामंडित करते हैं और अपराध की ओर आकर्षित करते हैं।

इस खतरनाक रुझान को रोकते हुए हरियाणा पुलिस ने यू-ट्यूब, स्पॉटिफाई, अमेजन म्यूजिक, गाना और जियोसावन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध 67 आपत्तिजनक गीतों पर कार्रवाई की जिसके बाद अधिकांश डिजीटल कंटेंट हटाया गया या ब्लॉक कर दिया गया। हरियाणा पुलिस का संदेश साफ है कि यह सिर्फ शुरूआत है और आगे भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

अपराध रोकथाम के साथ युवाओं को बचाना भी लक्ष्य : डी.जी.पी.
हरियाणा के डी.जी.पी. अजय सिंघल ने इस कार्रवाई को युवाओं और समाज के हित में उठाया गया महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा हरियाणा पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध रोकना नहीं बल्कि युवाओं को अपराध की दुनिया में कदम रखने से भी बचाना है। अपराध संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गाने अपराधियों को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करते हैं और उनकी जिंदगी में ऐशो-आराम की छवि दर्शाते हैं जबकि सच्चाई बिल्कुल इससे विपरित है। ऐसे अपराधियों का जीवन केवल और केवल कठिनाइयों व चुनौतियों से भरा होता है और आखिरकार एक दिन वे कानून की गिरफ्त में जरूर आते हैं।

कई बार उनकी आपराधिक प्रवृति का खमियाजा उनके परिजनों को भी भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट नीति बनाई है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 67 गीतों पर कार्रवाई हमारे बड़े अभियान का हिस्सा है और आने वाले समय में इस दिशा में और भी सख्ती देखने को मिलेगी। उन्होंने कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे सामाजिक जिम्मेदारी को समझें और ऐसा कंटेंट न बनाएं जो युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाए।

हिंसा व गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन न करें कलाकार
एस.टी.एफ. आई.जी. सतीश बालन का कहना है कि युवा वर्ग पर डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने कलाकारों और गीतकारों के साथ बैठकें भी आयोजित की हैं, जिसमें उन्हें हिंसा, गैंगस्टर संस्कृति और हथियारों के महिमामंडन से बचने की सलाह दी गई है। ऐसी सामग्री केवल अपराध की सोच को जन्म देती है और समाज में असुरक्षा फैलाती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों की पोस्ट को लाइक व शेयर करने वाले लोगों पर भी एस.टी.एफ. व साइबर की टीम द्वारा कड़ी नजर रखी जाती है। ऐसे प्लैटफार्म का इस्तेमाल करके गैंगस्टर युवाओं को अपने गैंग में शामिल करते हैं और उन्हें अपराध की दुनिया में मरने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसे में हमारा प्रयास है कि युवाओं को ऐसा करने से रोका जाए ताकि वे अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल देशहित में करें न कि अपराध जगत को बढ़ावा देने में।

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