Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2026 के अवसर पर पंचकूला में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणा की है। राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने योग को एक ‘जन आंदोलन’ बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को नई ऊंचाई देना है।
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पाठ्यक्रम में योग और शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 3 से लेकर कक्षा 9वीं तक के पाठ्यक्रम में ‘योग शिक्षा’ को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बचपन से ही स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की नींव रखना है।
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण की भी विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। प्रदेश के सभी पी.टी.आई. (PTI), डी.पी.ई.डी. (D.PED), पी.जी.टी. (PGT) और चयनित पी.आर.टी. (PRT) शिक्षकों को योगासनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर विद्यालय में विद्यार्थी नियमित रूप से योग का अभ्यास कर सकें।
सरकारी सेवाओं और खेल नीति में योग का महत्व
योग को केवल एक व्यायाम तक सीमित न रखते हुए, सरकार ने इसे प्रशासनिक और करियर के क्षेत्र में भी जगह देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा आयोजित होने वाली सभी सरकारी परीक्षाओं में अब योग से संबंधित प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य की नई खेल नीति में ‘योगासन’ को एक आधिकारिक ‘खेल विद्या’ (Sport) के रूप में मान्यता दी जाएगी, जिससे इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
बुनियादी ढांचे का विस्तार
योग और प्राकृतिक चिकित्सा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मोरनी में एक राज्य स्तरीय संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह संस्थान स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम संचालित करेगा, जिससे युवाओं को योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जा रहे पांच ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में योग को एक प्रमुख घटक के रूप में जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए योग पाठ्यक्रम में आयुर्वेद के महत्वपूर्ण अंशों को भी शामिल किया गया है, और आयुष योग कोच के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी।
सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना पर जोर
शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे संस्कारित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और अहम घोषणा की। अब हरियाणा के सभी सरकारी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान ‘राज्य गीत’ का सामूहिक गायन अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि योग और राज्य गीत के गायन से विद्यार्थियों में अनुशासन, राज्य के प्रति गौरव, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का संचार होगा।
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