Haryana News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के विशेष अवसर पर हरियाणा की राज्य सरकार ने युवाओं के स्वास्थ्य और उनके रोजगार को लेकर एक बेहद युगांतरकारी और ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव की घोषणा की है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट की मंजूरी के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में ‘योग’ को पूरी तरह से अनिवार्य (Mandatory) घोषित कर दिया है। सरकार की इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य की नई पीढ़ी को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना तथा योग को उनके करियर का एक मुख्य हिस्सा बनाना है। इस अभूतपूर्व फैसले के लागू होने के बाद अब हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है, जिसने कंक्रीट स्तर पर योग को रोजगार और बुनियादी शिक्षा दोनों से एक साथ जोड़ा है।
Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, जमीन लेन-देन पर लगेगी कड़ी रोक
कक्षा छठी से अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा योग
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा छठी से लेकर बारहवीं तक योग को एक स्वतंत्र और अनिवार्य विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अतिरिक्त गतिविधि (Activity) नहीं होगी, बल्कि छात्रों को इसके बाकायदा अंक दिए जाएंगे।
इस नए पाठ्यक्रम का खाका बेहद वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया जा रहा है। इसमें योगासनों, प्राणायाम और ध्यान के व्यावहारिक (Practical) अभ्यास के साथ-साथ योग के गौरवशाली इतिहास, अष्टांग योग के सिद्धांतों और मानव शरीर पर इसके वैज्ञानिक प्रभावों की सैद्धांतिक (Theory) पढ़ाई भी कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि स्कूली स्तर से ही योग अपनाने से बच्चों में अनुशासन और बेहतर जीवनशैली की नींव पड़ेगी।
सरकारी नौकरी की रेस में भी काम आएगा योग
युवाओं को योग के प्रति अधिक गंभीर, संवेदी और जागरूक बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने इसे सीधे तौर पर रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। सरकार के नए आदेश के मुताबिक, अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी श्रेणी (ग्रुप-ए, बी, सी और डी) की प्रशासनिक और गैर-प्रशासनिक सरकारी भर्ती परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान (General Knowledge) और करंट अफेयर्स के सेक्शन में योग से जुड़े प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि अब हरियाणा में सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वाले हर अभ्यर्थी को योग के सैद्धांतिक ज्ञान की गहरी समझ होनी जरूरी होगी।
योग डिग्री-डिप्लोमा धारकों के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर
सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरे प्रदेश में क्वालिफाइड योग प्रोफेशनल्स की मांग में अचानक भारी उछाल आना तय है। इस मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने रोजगार का एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही राज्य के सभी स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और आयुष वेलनेस सेंटर्स के लिए हजारों की संख्या में योग शिक्षकों (Yoga Instructors) और प्रोफेसरों की नियमित व संविदा आधारित बंपर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस फैसले से उन युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा जिन्होंने योग विज्ञान, योग थेरेपी या नेचुरोपैथी में डिग्री, पोस्ट ग्रेजुएशन या डिप्लोमा हासिल किया है और लंबे समय से नौकरियों का इंतजार कर रहे थे।
युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में सुधार की बड़ी उम्मीद
चिकित्सा और शिक्षा विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्रांतिकारी कदम से नई पीढ़ी के स्कूली बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रहे मानसिक तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन और खराब दिनचर्या के कारण होने वाली बीमारियों (Lifestyle Diseases) पर पूरी तरह लगाम कसी जा सकेगी। इसके अलावा, दिन-रात प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी योग का अभ्यास मानसिक एकाग्रता (Concentration) बढ़ाने और स्मरण शक्ति को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित होगा, जिससे अंततः समाज और सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
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