Haryana News: हरियाणा का अगला मुख्य सचिव कौन? दौड़ में शामिल हैं ये वरिष्ठ आईएएस अधिकारी

हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। इसके बाद प्रदेश के नए मुख्य सचिव की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 8, 2026

Haryana News: हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था में इन दिनों राज्य के अगले मुख्य सचिव (Chief Secretary) की नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर गरम है। राज्य के वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का सेवा-विस्तार आगामी 30 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद नए उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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प्रशासनिक बदलाव की पृष्ठभूमि

अनुराग रस्तोगी, जो 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, को फरवरी 2025 में तत्कालीन मुख्य सचिव विवेक जोशी (1989 बैच) के निर्वाचन आयुक्त बनने के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सरकार ने उनके कार्यकाल को एक वर्ष का विस्तार भी दिया था, जो अब अपने अंतिम चरण में है। रस्तोगी के हटने के बाद, राज्य को एक नए प्रशासनिक प्रमुख की आवश्यकता होगी, जो न केवल अनुभवी हो बल्कि सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम हो।

दौड़ में शामिल प्रमुख दावेदार

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, 1990 बैच के दो प्रमुख आईएएस अधिकारी इस शीर्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं:

सुमिता मिश्रा: वर्तमान में सुमिता मिश्रा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में वित्तीय आयुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। एक अनुभवी अधिकारी के रूप में, उन्हें नीति निर्धारण और प्रशासन का गहरा अनुभव है, जो उन्हें इस पद की प्रबल दावेदार बनाता है।

सुधीर राजपाल: वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के पद पर तैनात सुधीर राजपाल भी इस दौड़ में प्रमुखता से शामिल हैं। गृह विभाग जैसे संवेदनशील विभाग का कार्यभार संभालने के कारण, उन्हें प्रशासनिक चुनौतियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की बारीक समझ है।

नियुक्ति में वरिष्ठता बनाम अन्य कारक

हरियाणा में मुख्य सचिव की नियुक्ति अक्सर केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं होती है। हालांकि वरिष्ठता एक महत्वपूर्ण पैमाना है, लेकिन सरकार प्रशासनिक कुशलता, अनुभव और व्यक्तिगत तालमेल जैसे कारकों को भी प्राथमिकता देती रही है। पूर्व के उदाहरण बताते हैं कि राजनीतिक नेतृत्व ने प्रशासनिक नेतृत्व का चयन करते समय ‘गुणवत्ता और कार्यक्षमता’ को भी व्यापक तवज्जो दी है।

भविष्य की चुनौतियां

अगला मुख्य सचिव ऐसे समय में पदभार संभालेगा जब राज्य सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां क्रियान्वयन के चरण में हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रशासनिक ढांचे में तालमेल बिठाना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना नए अधिकारी के लिए प्राथमिकता होगी।

यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार 1990 बैच की वरिष्ठता के क्रम को बरकरार रखती है या कोई अन्य प्रशासनिक विकल्प चुनती है। 30 जून की समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही, गलियारों में अटकलें और तेज होती जा रही हैं। अंतिम निर्णय पूरी तरह से राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर करेगा, जो राज्य की प्रशासनिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए किसी एक नाम पर मुहर लगाएगी। अगले कुछ दिनों में इस पद पर स्पष्टता आने की पूरी संभावना है।

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