
Haryana News: हरियाणा में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और हरियाणा सिविल सेवा (HCS) के कनिष्ठ अधिकारियों को एक समान पदों पर जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में 2023 और 2024 बैच के 11 आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ 2023 बैच के 12 एचसीएस अधिकारियों को भी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) यानी एसडीएम के पद पर तैनात किया गया है। दोनों सेवाओं के कनिष्ठ अधिकारियों को समान पदों पर जिम्मेदारी दिए जाने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और सेवा नियमों के संदर्भ में कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
Haryana News: हरियाणा में विदेशी निवेश बढ़ाने की तैयारी, अब दक्षिण कोरिया की कंपनियों पर नजर
क्यों उठ रहे हैं तैनाती को लेकर सवाल?

हरियाणा में प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाप्रशासनिक जानकारों और कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आईएएस एक अखिल भारतीय सेवा है, जबकि एचसीएस हरियाणा की अपनी राज्य सिविल सेवा है। दोनों सेवाओं की संरचना, कैडर नियम और अधिकारियों की पदोन्नति की व्यवस्था पूरी तरह अलग होती है। वर्तमान में 2023 बैच के छह आईएएस अधिकारी सांपला, बहादुरगढ़, टोहाना, अंबाला छावनी, महेंद्रगढ़ और झज्जर में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, 2024 बैच के पांच आईएएस अधिकारियों को ऐलनाबाद, पिहोवा, फिरोजपुर झिरका, उचाना कलां और डबवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एचसीएस अधिकारियों की स्थिति: इसके विपरीत, 2023 बैच के 12 एचसीएस अधिकारियों को पंचकूला, नूंह, नारनौल, महम, बाढ़ड़ा, कलायत, इंद्री, मानेसर, जगाधरी, फरीदाबाद, हथीन और गोहाना में एसडीएम के पद पर तैनात किया गया है। दिसंबर 2025 में जारी हरियाणा सरकार के कैडर निर्धारण आदेश के मुताबिक, एसडीएम के पद सामान्यतः वरिष्ठ वेतनमान और चयन ग्रेड के अधिकारियों के लिए निर्धारित हैं।
विशेषज्ञों का तर्क है कि सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था में एचसीएस अधिकारियों को इस पद के लिए पांच साल की सेवा पूरी करनी होती है, जिसके तहत 2023 बैच के अधिकारियों की पांच साल की सेवा जनवरी 2028 में पूरी होगी। ऐसे में समय से पहले कनिष्ठ एचसीएस अधिकारियों को आईएएस अधिकारियों के समकक्ष पदों पर तैनात किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सरकार के अधिकार और सेवा नियमों का संतुलन

नियमानुसार किसी भी अधिकारी की नियुक्ति, तैनाती और तबादले का पूर्ण अधिकार राज्य सरकार के पास सुरक्षित होता है। आईएएस अधिकारियों को भी उनके सेवाकाल के शुरुआती वर्षों में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुभव के लिए अमूमन एसडीएम के पद पर ही तैनात किया जाता है, ताकि वे प्रशासनिक कामकाज की बारीकियों को समझ सकें।
इसके बावजूद, प्रशासनिक विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रशासनिक अधिकारों का उपयोग करते समय सेवा नियमों, कैडर संरचना और स्थापित प्रशासनिक सिद्धांतों का उचित ध्यान रखा जाना चाहिए। इससे भविष्य में तैनाती के फैसलों को लेकर उठने वाले असमंजस और वैधानिक सवालों से बचा जा सकता है। हालांकि, मौजूदा नियुक्तियां नियमों के अनुरूप हैं या नहीं, यह पूरी तरह से संबंधित सेवा नियमों और मौजूदा प्रावधानों की कानूनी समीक्षा पर निर्भर करता है।











