Haryana News: हरियाणा में सरकारी धन के गबन का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस बार हिसार जिले के गांव अयाल्की स्थित ‘बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति’ (पैक्स) में करीब 76 लाख 60 हजार रुपये का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (CM Flying Team) की गहन जांच के बाद इस वित्तीय अनियमितता का पता चला, जिसने न केवल समिति के प्रबंधन बल्कि ऑडिट व्यवस्था की भी पोल खोल दी है।
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कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा?
CM फ्लाइंग हिसार को लंबे समय से अयाल्की पैक्स के वित्तीय रिकॉर्ड और कैशबुक में हेराफेरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक संयुक्त जांच टीम गठित की गई। टीम ने रिकॉर्ड, रसीद पुस्तिकाओं और बैंक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। जांच के दौरान कुल 61 गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2026 के बीच सुनियोजित तरीके से किया गया।
घोटालेबाजों का तरीका बेहद शातिर था; उन्होंने कैशबुक में यह तो दर्शाया कि राशि बैंक में जमा हो गई है, लेकिन हकीकत में वह पैसा बैंक तक कभी पहुँचा ही नहीं। इस तरह कागजों में हेराफेरी कर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।
ऑडिटर्स की मिलीभगत और लापरवाही
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि वर्ष 2020 से 2025 तक हर साल समिति का ऑडिट हुआ, लेकिन किसी भी ऑडिटर ने करोड़ों के टर्नओवर वाली इस संस्था में हो रहे लाखों के गबन को नहीं पकड़ा। आरोप है कि या तो ऑडिटर्स ने लापरवाही बरती या फिर वे इस मिलीभगत का हिस्सा थे।
जांच में यह भी पाया गया कि तत्कालीन पैक्स प्रबंधक सूबे सिंह ने 75 हजार रुपये सीधे अपने निजी बचत खाते में ट्रांसफर कर लिए। ब्याज की राशि को हड़पने के लिए रसीद पुस्तिकाओं की तारीखों के साथ भी छेड़छाड़ की गई। विकास अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर अब सदर थाना पुलिस ने मामले में 3 प्रबंधकों और 3 ऑडिटर्स को नामजद कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
थाना प्रभारी प्रह्लाद राय ने पुष्टि की है कि पुलिस ने आवश्यक रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में संलिप्त अधिकारियों और ऑडिटर्स की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। अयाल्की पैक्स का यह मामला यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर सरकारी संस्थानों में ऑडिट सिस्टम इतना कमजोर कैसे हो सकता है कि छह साल तक लाखों का गबन होता रहा और किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय किसानों और खाताधारकों में भारी रोष है, जो अपने जमा पैसे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
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