Haryana News: रेणु भाटिया के बयान पर भड़का नर्सिंग स्टाफ, पेन डाउन कर बड़े आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा के एलएनजेपी सिविल अस्पताल में राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया की एक विवादास्पद टिप्पणी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने दो घंटे का 'पेन डाउन' प्रदर्शन किया। स्टाफ का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान की गई उनकी टिप्पणियों से नर्सिंग कैडर की गरिमा को ठेस पहुंची है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 8, 2026

Haryana News: हरियाणा के स्वास्थ्य महकमे और महिला आयोग के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया द्वारा एक निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। एलएनजेपी (LNJP) सिविल अस्पताल में सोमवार को नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे का ‘पेन डाउन’ (काम बंद) प्रदर्शन कर अपना आक्रोश प्रकट किया। स्टाफ का स्पष्ट कहना है कि चेयरपर्सन की टिप्पणियों ने न केवल उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है, बल्कि पूरे नर्सिंग कैडर के मनोबल को भी गिराया है।

Haryana News: हरियाणा का अगला मुख्य सचिव कौन? दौड़ में शामिल हैं ये वरिष्ठ आईएएस अधिकारी

क्या है पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत रविवार को हुई, जब रेणु भाटिया अस्पताल में एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के मामले की जांच के लिए पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने वहां तैनात नर्सिंग स्टाफ और अधिकारियों से बेहद तीखे सवाल किए। सूत्रों के अनुसार, चेयरपर्सन ने एक नर्स से प्रश्न किया, “यदि यह आपकी अपनी बेटी होती, तो क्या आप उसे 15 मिनट के लिए भी किसी पुरुष डॉक्टर के पास अकेला छोड़तीं?”

रेणु भाटिया का यह बयान नर्सिंग स्टाफ को नागवार गुजरा। उनका आरोप है कि आयोग की चेयरपर्सन द्वारा अस्पताल के संवेदनशील वातावरण और स्टाफ की कार्यप्रणाली पर की गई यह टिप्पणी अत्यंत आपत्तिजनक है।

“पूरे स्टाफ को कटघरे में खड़ा करना अनुचित”

नर्सिंग ऑफिसर्स का तर्क है कि अस्पताल में काम करने वाली नर्सें 24 घंटे मरीजों की सेवा में समर्पित रहती हैं। वे कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि अक्सर अस्पतालों में होने वाली किसी भी कमी या चूक का ठीकरा बिना सोचे-समझे नर्सिंग स्टाफ के सिर फोड़ दिया जाता है, जो पूरी तरह गलत है।

प्रदर्शन के दौरान सीनियर नर्सिंग ऑफिसर गुरमीत कौर काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने स्टाफ की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि एक-एक नर्सिंग ऑफिसर को कई बार 70 से 80 मरीजों तक की जिम्मेदारी अकेले संभालनी पड़ती है। संसाधनों की कमी और भारी कार्यभार के बावजूद वे पूरी निष्ठा से काम करती हैं, लेकिन उनके इस समर्पण को नजरअंदाज कर सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के अपमानजनक सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

माफी न मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रेणु भाटिया ने अपनी टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो यह विरोध प्रदर्शन केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। नर्सिंग एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि वे इस आंदोलन को पूरे हरियाणा राज्य में फैलाएंगे।

फिलहाल अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह मामला न केवल एक अस्पताल की कार्यप्रणाली का है, बल्कि सरकारी अधिकारियों की भाषा और गरिमा पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि महिला आयोग की चेयरपर्सन का इस पर क्या रुख रहता है और क्या सरकार समय रहते इस गतिरोध को खत्म करने में सफल हो पाती है।

Haryana News: सरकार के फैसले पर दीपेंद्र हुड्डा का सवाल, जंतर-मंतर परमिशन पर घमासान