Haryana News: हरियाणा CMO में नई जिम्मेदारी, अरुण गुप्ता की रिटायरमेंट के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव

हरियाणा CMO में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी अरुण गुप्ता के रिटायरमेंट के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में नए सिरे से विभागों का बंटवारा किया गया है, जबकि राजेश खुल्लर मुख्य प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

Haryana News: हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभागों का नए सिरे से बड़ा फेरबदल और बंटवारा किया है। यह बदलाव वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरुण गुप्ता के सेवानिवृत्त (रिटायरमेंट) होने के बाद प्रशासनिक कार्यों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने के लिए किया गया है।

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अरुण गुप्ता के रिटायरमेंट के बाद प्रशासनिक बदलाव की जरूरत

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हरियाणा CMO में नई जिम्मेदारी

वरिष्ठ अधिकारी अरुण गुप्ता के पास मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुए पदों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं। सीएमओ के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने और विकास योजनाओं को गति देने के लिए यह नया प्रशासनिक खाका तैयार किया गया है, जिसके तहत विभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है।

राजेश खुल्लर संभालेंगे मुख्य प्रधान सचिव की कमान

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हरियाणा CMO में नई जिम्मेदारी

हरियाणा सरकार में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के रूप में राजेश खुल्लर अपनी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। उनके मार्गदर्शन में राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं और नीतिगत मामलों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की मुख्य जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, जिससे प्रशासनिक कसावट बनी हुई है।

अरुण गुप्ता के पास थीं 10 विभागों की अहम जिम्मेदारियां

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हरियाणा CMO में नई जिम्मेदारी

सेवानिवृत्त हुए प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता के पास प्रशासन के लगभग 10 प्रमुख विभागों की कमान थी। इन विभागों में राज्य के नीतिगत निर्णय, प्रशासनिक निगरानी और कई बड़े विकास कार्यों से जुड़े महकमे शामिल थे। उनके रिटायरमेंट के बाद, अब उन सभी 10 विभागों की जिम्मेदारी और कामकाज को नए सिरे से अन्य सक्षम अधिकारियों के बीच विभाजित किया जा रहा है, ताकि जनहित के कार्य प्रभावित न हों।

प्रशासनिक कसावट और आगे की दिशा

हरियाणा सरकार का यह कदम राज्य प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, गतिशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। सीएमओ में हुए इस बदलाव से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता से जुड़े कार्यों का निपटारा समयबद्ध तरीके से हो सकेगा।

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