
Haryana News: विजयादशमी के पावन और पवित्र पर्व के अवसर पर हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक अत्यंत आत्मीय और पारंपरिक माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा राजभवन पहुंचकर प्रदेश के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राज्यपाल को असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक महापर्व विजयादशमी की आदर सहित शुभकामनाएं देना और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करना था।
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राज्यपाल आवास पर शिष्टाचार भेंट और पर्व की शुभकामनाएं

चंडीगढ़ स्थित हरियाणा लोक भवन में आयोजित इस विशेष शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी पत्नी सुमन सैनी ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल महोदय ने भी मुख्यमंत्री दम्पति का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें इस महान पर्व की हार्दिक बधाइयां प्रेषित कीं। इस दौरान दोनों शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे महानुभावों के बीच प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और लोक कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
राजभवन में हुए इस औपचारिक और पारिवारिक संवाद ने इस बात को रेखांकित किया कि किस प्रकार हरियाणा की राजनीतिक संस्कृति में पर्वों और परंपराओं का सम्मान सर्वोच्च स्थान रखता है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी को विजयादशमी की बधाई देते हुए राज्य के नागरिकों के जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली की कामना की।
विजयादशमी का संदेश: धर्म, न्याय और नैतिकता की विजय

विजयादशमी का यह पर्व केवल रावण दहन या पारंपरिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अन्याय, अहंकार और अधर्म पर धर्म, न्याय और नैतिकता की शाश्वत विजय का संदेश देता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज के आधुनिक युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने त्रेतायुग में थे। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हमें सच्चाई के मार्ग पर चलने, कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार राज्य के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में सुधार लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें यह संकल्प लेने की शक्ति देता है कि हम समाज में व्याप्त बुराइयों, भ्रष्टाचार और नकारात्मकता को समाप्त कर एक सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित हरियाणा का निर्माण करें।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण

हरियाणा लोक भवन में हुई यह मुलाकात इस बात का भी प्रतीक है कि राज्य के प्रशासनिक प्रमुख और संवैधानिक अभिभावक मिलकर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। पर्वों के माध्यम से आपसी सौहार्द, भाईचारा और सांस्कृतिक एकता को बल मिलता है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस पावन पर्व पर आपसी भेदभाव को भुलाकर एकजुट हों और प्रदेश की प्रगति में अपना सक्रिय योगदान दें।
विजयादशमी का यह पर्व हरियाणा की धरती पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की यह मुलाकात न केवल एक औपचारिक शिष्टाचार थी, बल्कि यह राज्य के नेतृत्व की उस सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है जो हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखती है। अंत में, इस मुलाकात ने पूरे प्रदेश में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और नागरिकों को एक न्यायप्रिय एवं समरस समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
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