Haryana News : हरियाणा के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज दोपहर ठीक 3:00 बजे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से आगामी विधानसभा मानसून सत्र के आयोजन को लेकर विचार-विमर्श किया गया और इसके संचालन की तारीखों पर औपचारिक मुहर लगा दी गई है। सरकार के इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं।
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कब से शुरू होगा मानसून सत्र और कितने दिन चलेगा?
कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि इस बार हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र कुल 3 दिनों का होगा।
सत्र की तिथियां: सरकार द्वारा तय किए गए शेड्यूल के मुताबिक, यह मानसून सत्र 27 अगस्त, 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
सत्र की अवधि: भले ही सत्र के दिनों की संख्या सीमित रखी गई है, लेकिन इन तीन दिनों के दौरान सदन में भारी राजनीतिक गहमागहमी और तीखी बहस देखने को मिलने की पूरी संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रशासनिक मुद्दों और विधेयकों के प्रारूपों को अंतिम मंजूरी
वीरवार को आयोजित हुई इस कैबिनेट बैठक में केवल मानसून सत्र की तिथियों का ऐलान ही नहीं किया गया, बल्कि इसके साथ-साथ कई अन्य अहम प्रशासनिक मुद्दों, नीतिगत प्रस्तावों और नए विधेयकों के प्रारूपों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्रिमंडल ने इन सभी प्रस्तावों को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।
आगामी सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक (Bills) सदन में पेश कर सकती है, जिन पर मुहर लगाने की प्रक्रिया इसी बैठक में पूरी कर ली गई है। इसके अलावा प्रदेश के विकास कार्यों, जनता से जुड़े लोकलुभावन फैसलों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई गई है।
सदन की कार्यप्रणाली
कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मानसून सत्र की विस्तृत रूपरेखा मीडिया के सामने स्पष्ट की। तय कार्यक्रम के अनुसार, इन तीन दिनों के सत्र के दौरान सदन में लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत सभी जरूरी विधायी कार्य संपन्न कराए जाएंगे।
प्रश्नकाल और शून्यकाल: सत्र के दौरान सबसे पहले प्रश्नकाल और शून्यकाल होगा, जिसमें विधायकगण अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे।
विभागीय चर्चाएं: विभिन्न विभागों के कामकाज, सरकारी योजनाओं की प्रगति और राज्य की वर्तमान स्थिति पर भी सदन के पटल पर गहन चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हुई इस कैबिनेट बैठक के बाद अब यह साफ हो गया है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही आगामी 27 अगस्त से शुरू होने वाले इस मानसूनी रण के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जनता की निगाहें भी इस बात पर टिकी होंगी कि इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कौन-कौन से बड़े फैसले निकलकर सामने आते हैं।
Haryana Cabinet Meeting: आज होगी कैबिनेट बैठक, मानसून सत्र










