Haryana News: स्कूल ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव, हरियाणा में टाई पर रोक की सिफारिश

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में पारंपरिक गांठ वाली टाई पहनने पर रोक लगाने की सख्त एडवाइजरी जारी की है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 12, 2026

Haryana News: हरियाणा के शिक्षा जगत और स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में पारंपरिक गांठ वाली टाई (Traditional Knot Ties) के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने की एक अहम एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने बच्चों के साथ होने वाले हादसों को रोकने के लिए स्कूलों से कहा है कि वे पुरानी गांठ वाली टाई की जगह आधुनिक ‘क्लिप-ऑन’ (Clip-on) या ‘वेल्क्रो’ (Velcro) टाई को स्कूल ड्रेस का हिस्सा बनाएं। आयोग का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता है।

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भिवानी में 7 साल के मासूम की मौत के बाद लिया गया बड़ा फैसला

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने इस फैसले की मुख्य वजह का खुलासा करते हुए बताया कि हाल ही में राज्य के भिवानी जिले में एक बेहद दर्दनाक और आंखें खोलने वाला हादसा हुआ था। भिवानी में स्कूल ड्रेस की पारंपरिक टाई गले में फंसने के कारण एक 7 साल के मासूम बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई थी।

इस दुखद घटना ने आयोग को सोचने पर मजबूर कर दिया कि बच्चों की रोजमर्रा की यूनिफॉर्म का एक हिस्सा उनके लिए कितना जानलेवा साबित हो सकता है। चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके जीवन की रक्षा करना आयोग और स्कूल प्रशासन दोनों की पहली जिम्मेदारी है। भविष्य में ऐसे किसी भी अन्य घातक जोखिम या हादसे को रोकने के लिए समय रहते यह आवश्यक और कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।

झूले, स्कूल गेट और हुक में टाई फंसने से होते हैं गंभीर हादसे

बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपनी एडवाइजरी में उन सभी संभावित खतरों का विस्तार से उल्लेख किया है, जिनकी वजह से स्कूल परिसर या आते-जाते समय बच्चों की जान आफत में पड़ जाती है। आयोग ने ऐसी कई दर्दनाक घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें खेल-कूद के दौरान बच्चों की लंबी टाई अचानक स्कूल के झूलों, स्कूल बस के दरवाजों, मुख्य गेट, या क्लासरूम की दीवारों पर लगे हुक और अन्य नुकीली वस्तुओं में फंस जाती है।

चूंकि पारंपरिक टाई गले में एक मजबूत गांठ के साथ बंधी होती है, इसलिए किसी भी चीज में इसके खिंचने या फंसने पर यह सीधे बच्चे के गले को कस देती है। इससे बच्चों का दम घुटने लगता है और कुछ ही मिनटों में उनकी जान पर बन आती है। इसके विपरीत, क्लिप-ऑन या वेल्क्रो वाली टाई किसी भी खिंचाव या दबाव के पड़ते ही तुरंत गले से अलग हो जाती है, जिससे हादसे का खतरा शून्य हो जाता है।

शिक्षा विभाग को तत्काल प्रभाव से नियम लागू करने के निर्देश

इस दूरगामी फैसले को जमीन पर उतारने के लिए HSCPCR की चेयरपर्सन ने हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग से कहा गया है कि वह इस एडवाइजरी को बिना किसी देरी के राज्य के सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों तक तत्काल प्रभाव से पहुंचाए ताकि सभी स्कूल प्रबंधन इस पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।

आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (CPCR Act, 2005) की धारा-13 के तहत खुद को प्राप्त शक्तियों और कानूनी अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग को अब जल्द ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों को नई गाइडलाइंस के मुताबिक यूनिफॉर्म में बदलाव करने का आदेश जारी करना होगा, ताकि बच्चों के लिए स्कूल का माहौल पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त बनाया जा सके।

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