Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में डिजिटल जमीन रिकॉर्ड को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज छोटी-मोटी गलतियों को ठीक कराने के लिए लोगों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। सरकार ने इसके लिए नया करेक्शन मॉड्यूल शुरू किया है, जिसके माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड में जरूरी सुधार स्थानीय तहसील स्तर पर किए जा सकेंगे।
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तहसील स्तर पर ही होगा रिकॉर्ड में सुधार

नए करेक्शन मॉड्यूल का उद्देश्य ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में सामने आने वाली छोटी त्रुटियों का स्थानीय स्तर पर समाधान करना है। इससे नागरिकों को मामूली सुधार के लिए उच्च स्तर के कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। संबंधित तहसील स्तर पर अधिकारी रिकॉर्ड की जांच करने के बाद नियमों के अनुसार आवश्यक सुधार की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
जमीन मालिकों को मिलेगी बड़ी राहत
भूमि रिकॉर्ड में नाम, विवरण या अन्य छोटी प्रविष्टियों से जुड़ी त्रुटियां होने पर अक्सर जमीन मालिकों को सुधार के लिए अलग-अलग कार्यालयों का रुख करना पड़ता है। नई व्यवस्था से ऐसी समस्याओं के समाधान को सरल बनाने की कोशिश की गई है। डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रिकॉर्ड में निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार होने से लोगों को समय और प्रयास दोनों की बचत हो सकती है।
ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में बढ़ेगी सुविधा
हरियाणा में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जमीन की जानकारी हासिल करना पहले की तुलना में आसान हुआ है। हालांकि, रिकॉर्ड में कभी-कभी छोटी गलतियां भी सामने आती हैं। नए मॉड्यूल के जरिए ऐसी त्रुटियों को स्थानीय स्तर पर सुधारने की व्यवस्था की गई है, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड की उपयोगिता और बढ़ सकती है।
अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होगी महत्वपूर्ण
करेक्शन मॉड्यूल लागू होने के बाद संबंधित तहसील स्तर के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। रिकॉर्ड में किसी भी बदलाव से पहले संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारी का परीक्षण करना जरूरी होगा। सुधार की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी, ताकि गलत दावों या अनधिकृत बदलाव की संभावना को नियंत्रित किया जा सके।
रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया होगी ज्यादा व्यवस्थित
सरकार की इस पहल का एक उद्देश्य जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना भी है। ऑनलाइन सिस्टम में सुधार के लिए एक निर्धारित मॉड्यूल उपलब्ध होने से आवेदन और कार्रवाई की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। इससे राजस्व विभाग के कामकाज में भी व्यवस्थित तरीके से सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

जमीन से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। भूमि स्वामित्व, लेनदेन और अन्य राजस्व कार्यों के लिए सही रिकॉर्ड की जरूरत पड़ती है। ऐसे में डिजिटल रिकॉर्ड में छोटी त्रुटियों को समय पर ठीक करना जरूरी है। सरकार की नई व्यवस्था इसी दिशा में एक कदम है, जिसमें स्थानीय स्तर पर सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
लोगों को बार-बार कार्यालय जाने से मिलेगी राहत
नए करेक्शन मॉड्यूल से नागरिकों को छोटी गलतियों के समाधान के लिए बार-बार अलग-अलग स्तर के सरकारी कार्यालयों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। स्थानीय तहसील स्तर पर प्रक्रिया उपलब्ध होने से समस्या के समाधान का रास्ता अपेक्षाकृत सरल हो सकता है। हालांकि, रिकॉर्ड में सुधार के लिए संबंधित नियमों और दस्तावेजी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
डिजिटल भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

हरियाणा सरकार की यह पहल राज्य में डिजिटल राजस्व व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में देखी जा रही है। छोटे रिकॉर्ड सुधारों को तहसील स्तर पर निपटाने की सुविधा से नागरिक सेवाओं को आसान बनाने और प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। आने वाले समय में इस मॉड्यूल के इस्तेमाल से भूमि रिकॉर्ड सुधार से जुड़ी प्रक्रियाओं में कितनी तेजी आती है, यह इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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