Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के खेल परिदृश्य को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने स्पोर्ट्स ग्रेडेशन नीति (Sports Gradation Policy) में बड़ा संशोधन करते हुए ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ को आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी है। खेल एवं युवा मामले विभाग द्वारा जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना के अनुसार, अब इन खेलों में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भी स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के पात्र होंगे। यह बदलाव 1 नवंबर, 2025 से प्रभावी माना जाएगा, जो राज्य के हजारों प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने वाला साबित होगा।
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ग्रेडेशन नीति में हुआ व्यापक बदलाव
सरकार ने 2018 की स्पोर्ट्स ग्रेडेशन गाइडलाइंस में संशोधन कर प्रतियोगिताओं की सूची में श्रेणी-13 के अंतर्गत ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ को शामिल किया है। इस अधिसूचना के बाद, खिलाड़ियों के पास अब ग्रेडेशन के लिए कई और रास्ते खुल गए हैं। मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं की सूची में अब हरियाणा स्टेट गेम्स (हरियाणा ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित), हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप, हरियाणा स्टेट वूमेन स्पोर्ट्स, हरियाणा स्टेट खेल महाकुंभ और हरियाणा स्टेट ग्रामीण एवं पंचायत खेल को विशेष स्थान दिया गया है।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं खेलों को इसमें मान्यता दी जाएगी, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक चार्टर, भारतीय ओलंपिक संघ या संबंधित वैश्विक खेल निकायों द्वारा अधिकृत किया गया है।
सरकारी नौकरी और खेल कोटे का मिलेगा सीधा लाभ
स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट खिलाड़ियों के लिए न केवल एक उपलब्धि का प्रमाण है, बल्कि यह उनके करियर निर्माण का एक अनिवार्य दस्तावेज भी है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर ही खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ, विशेष भर्ती प्रक्रियाओं में प्राथमिकता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होता है।
अब तक जिन खिलाड़ियों को इन खेलों में प्रदर्शन के बावजूद ग्रेडेशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था, वे भी अब सरकारी नौकरियों और अन्य संस्थागत लाभों के लिए दावेदारी पेश कर सकेंगे। अनुमान है कि इस निर्णय से हर साल राज्य के लगभग पाँच हजार खिलाड़ियों को सीधा फायदा होगा।
खेल संगठनों और नेतृत्व के प्रयासों को मिली सफलता
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय काफी हद तक हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर सिंह ‘मीनू’ बेनीवाल के निरंतर प्रयासों को जाता है। लंबे समय से संघ यह मांग उठा रहा था कि राज्य स्तरीय बहु-खेल प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों को भी अन्य मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं के समकक्ष समान अवसर मिलने चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम का आभार व्यक्त करते हुए मीनू बेनीवाल ने कहा कि यह निर्णय हरियाणा में प्रतिस्पर्धात्मक खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा। इससे न केवल खेलों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि जिला और राज्य स्तर पर अधिक से अधिक युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित होने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने के लिए तैयार करने में एक गेम-चेंजर साबित होगा। हरियाणा की खेल प्रतिभाओं के लिए यह निर्णय वाकई में एक ‘बड़ा तोहफा’ है।
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