Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुओं की पावन भूमि पंजाब के पातड़ां (पटियाला) में आयोजित महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के भव्य समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी अवसर पर अग्रवाल सभा एवं यूथ अग्रवाल सभा, पातड़ां द्वारा मुख्यमंत्री का अत्यंत गर्मजोशी के साथ स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महाराजा अग्रसेन जी के महान आदर्शों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार और आदर

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अग्रवाल समाज और यूथ अग्रवाल सभा के सभी सदस्यों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र भूमि पर मिला यह स्नेह और सम्मान उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। इस प्रकार के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी भाईचारा, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
समाज को एकजुट करने का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी प्राचीन संस्कृति और महापुरुषों के विचार युवा पीढ़ी तक पहुँचते हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास में अग्रवाल समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार सबका साथ और सबका विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
महाराजा अग्रसेन जी के आदर्श और आज की प्रासंगिकता

महाराजा अग्रसेन जी के जीवन और उनके सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका समाजवाद, समानता और आपसी सहयोग का महान विजन आज के आधुनिक दौर में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। महाराजा अग्रसेन ने हमेशा समाज के हर वर्ग को समान अधिकार देने और जरूरतमंदों की मदद करने की सीख दी थी, जो आज के समय में भी एक आदर्श समाज की नींव है।
“एक ईंट और एक सोने की मोहर” की दूरदर्शी परंपरा
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महाराजा अग्रसेन जी की उस अनूठी परंपरा का उल्लेख किया जिसके तहत राज्य में आने वाले हर नए परिवार को बसने के लिए समाज का प्रत्येक व्यक्ति ‘एक ईंट और एक सोने की मोहर’ प्रदान करता था। यह दूरदर्शी सिद्धांत इस बात का प्रतीक है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर कैसे चला जाए और संकट के समय हर जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता कैसे की जाए। यह परंपरा भाईचारे और परोपकार की मिसाल है।










