Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को ‘हरियाणा विजन-2047’ के रोडमैप को अंतिम रूप देने और प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य के भविष्य को संवारने के लिए एक स्पष्ट नीति और कार्ययोजना पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक सशक्त और विकसित हरियाणा बनाने का आह्वान करते हुए ‘नशा मुक्त हरियाणा’ का विशेष संकल्प दिलाया।
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नशा मुक्त समाज
मुख्यमंत्री ने नशे की समस्या को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की नींव को खोखला करती है। उन्होंने अधिकारियों को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत प्रदेश में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीएम सैनी ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सरकारी प्रयासों से नशे का खात्मा संभव नहीं है, इसके लिए समाज के हर नागरिक को सक्रिय भागीदार बनना होगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस बुराई के खिलाफ एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।
जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और पारदर्शिता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग (SEWA) द्वारा संचालित योजनाओं का बारीकी से विश्लेषण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
सीएम ने तकनीकी के अधिकतम उपयोग पर बल दिया ताकि सेवा वितरण प्रणाली (Service Delivery System) को और अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके। उनका मानना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को हटाकर पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार दिलाना है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने वंचित और जरूरतमंद वर्गों के सशक्तिकरण के लिए नई नीतियों पर भी गहन चर्चा की।
‘हरियाणा विजन-2047’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि ‘हरियाणा विजन-2047’ केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में हरियाणा की भूमिका को दर्शाने वाला एक ब्लूप्रिंट है। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ऐसा विकसित, समावेशी और समृद्ध राज्य बनाना है, जहां विकास की रोशनी समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से ‘मिशन मोड’ में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुशासन और सामाजिक न्याय ही किसी राज्य की प्रगति के दो मुख्य आधार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और सरकार के समन्वित प्रयासों से हरियाणा निश्चित रूप से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और आने वाले वर्षों में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। यह बैठक प्रदेश की विकास यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो समाज के हर वर्ग के उत्थान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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