Haryana News: जेल में बंद साहब की दफ्तर में लग रही थी प्रेजेंट, ₹15,000 में बिके थे रिटायर्ड क्लर्क

पंचकूला में ₹3.50 करोड़ की महाठगी के आरोप में गिरफ्तार पानीपत नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (JE) रोहित सैनी को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 7, 2026

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Haryana News: हरियाणा के सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। पंचकूला में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार हो चुके नगर निगम के जूनियर इंजीनियर (JE) रोहित सैनी को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी जेई जब जेल की सलाखों के पीछे बंद था, तब पानीपत नगर निगम कार्यालय में उसकी फर्जी हाजिरी लगाई जा रही थी। इस पूरे खेल को अंजाम दे रहे थे निगम से ही सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके दो क्लर्क, जिन्हें इस काम के लिए बाकायदा ‘महीना’ दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च अधिकारियों ने सख्त रुख अपना लिया है।

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गिरफ्तारी के अगले दिन भी रजिस्टर में दर्ज थी अटेंडेंस

जूनियर इंजीनियर रोहित सैनी को पंचकूला पुलिस ने 1 जुलाई को गिरफ्तार किया था। नियम के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उसे सस्पेंड किया जाना था और दफ्तर में उसकी अनुपस्थिति दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन हैरत की बात यह रही कि गिरफ्तारी के अगले दिन यानी 2 जुलाई को भी पानीपत नगर निगम कार्यालय के अटेंडेंस रजिस्टर में उसकी हाजिरी (Present) लगी हुई थी। जब यह बात उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज राव ने इसे गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी मानते हुए सभी कर्मचारियों की हाजिरी की गहन जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही दफ्तरों में मैन्युअल हाजिरी के खेल को खत्म करने के लिए अब ‘फेस रिकग्निशन’ (चेहरा पहचानने वाली) आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है।

रिटायर्ड क्लर्कों पर गिरेगी गाज

इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे की कड़ियों को खंगालने पर पता चला कि नगर निगम कार्यालय में हाजिरी के रखरखाव की जिम्मेदारी दो रिटायर्ड क्लर्कों— ओमवीर और सोमवीर के पास थी। सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद जेई रोहित सैनी इन दोनों को अपनी गैरमौजूदगी में हाजिरी लगाने के बदले 15 हजार रुपये महीना (प्रति क्लर्क लगभग 7.5 हजार या सेटिंग के अनुसार रिश्वत) दे रहा था। इस रिश्वत के एवज में दोनों क्लर्क जेई की सीट खाली होने के बावजूद रजिस्टर में उसकी उपस्थिति दर्ज कर देते थे ताकि उसकी नौकरी और वेतन पर कोई आंच न आए। निगम कमिश्नर ने इन दोनों दोषी रिटायर्ड क्लर्कों के खिलाफ भी तत्काल और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

कौन है जेई रोहित सैनी और क्या है 3.50 करोड़ की ठगी का यह पूरा मामला?

जूनियर इंजीनियर रोहित सैनी कोई साधारण जालसाज नहीं है, बल्कि उस पर साढ़े तीन करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल ठगी का आरोप है। आरोप के मुताबिक, रोहित ने दिल्ली के मशहूर व्यवसायी शिव प्रकाश सिंह से ₹3.50 करोड़ की भारी-भरकम रकम ऐंठ ली। शिव प्रकाश सिंह देश की जानी-मानी खेल सामग्री निर्माता कंपनी ‘शिव नरेश प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर हैं।

रोहित सैनी ने शिव प्रकाश को झांसा दिया था कि वह हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से उनकी कंपनी का बकाया ₹2.50 करोड़ का भुगतान करवा देगा और साथ ही उन्हें किसी भी संभावित विजिलेंस जांच से सुरक्षित बचा लेगा। इस प्रभाव और सेटिंग का झांसा देकर उसने करोड़ों रुपये ठग लिए।

मुख्य सूत्रधार की तलाश जारी

1 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद पंचकूला की अदालत ने आरोपी जेई रोहित सैनी को 8 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। इस रिमांड अवधि के दौरान पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) उसके बैंक खातों, बेनामी संपत्ति, पैसों के लेनदेन और इस पूरे नेक्सस (गिरोह) में शामिल अन्य सफेदपोशों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस इस महाठगी की साजिश के मुख्य सूत्रधार और रोहित के भाई मोहित सैनी की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। आपको बता दें कि इस मामले में पुलिस पहले ही दीपांशु नाम के एक अन्य आरोपी को दबोच चुकी है, जिसके बैंक खाते में ठगी की करोड़ों रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी।

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