Haryana News: हरियाणा में सड़क निर्माण मरम्मत कार्यों से जुड़े ठेकेदारों ने सरकार के सामने अपनी परेशानियां रखते हुए आर्थिक राहत की मांग की है। निर्माण सामग्री, विशेष रूप से तारकोल (बिटुमेन) और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण परियोजनाओं की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा बजट में कार्यों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है।
हरियाणा ठेकेदार एसोसिएशन ने सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की मांग की है ताकि चल रहे विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। एसोसिएशन का दावा है कि बढ़ती लागत का सीधा असर निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
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सरकार से 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की मांग
आपको बता दें कि, एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े करीब 1000 करोड़ रुपए के कार्य अलग-अलग स्तरों पर चल रहे हैं। लेकिन निर्माण सामग्री की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण इन परियोजनाओं की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। इसी को देखते हुए ठेकेदारों ने सरकार से 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना आर्थिक सहायता के कई परियोजनाओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पहले जानकारी
हरियाणा ठेकेदार एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को पहले भी राज्य सरकार के समक्ष रखा है। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर निर्माण लागत बढ़ने की जानकारी दी थी। हालांकि, ठेकेदारों का आरोप है कि अब तक उनकी मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया है। यही कारण है कि अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
निर्माण कार्यों की समय सीमा बढ़ाने की भी मांग
आर्थिक सहायता के अलावा ठेकेदारों ने सरकार से एक और महत्वपूर्ण मांग की है। उनका कहना है कि जिन परियोजनाओं पर वर्तमान में काम चल रहा है, उनकी समय सीमा मार्च 2027 तक बढ़ाई जानी चाहिए। ठेकेदारों का तर्क है कि बढ़ती लागत, मौसम की चुनौतियों और अन्य प्रशासनिक कारणों की वजह से कई परियोजनाओं को तय समय में पूरा करना कठिन हो रहा है। ऐसे में समय सीमा बढ़ने से काम बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप
एसोसिएशन ने कुछ विभागीय अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए अत्यधिक दबाव डाला जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर परिस्थितियां अलग होती हैं। ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है कि अधिकारियों को इस प्रकार का दबाव बनाने से रोका जाए और कार्यों को व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुसार पूरा करने की अनुमति दी जाए।
15 जून को होगी अहम बैठक
हरियाणा ठेकेदार एसोसिएशन ने 15 जून को चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में प्रदेशभर के ठेकेदार शामिल होंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 15 जून तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकते हैं।अगर ऐसा होता है तो प्रदेश में चल रहे सड़क निर्माण और मरम्मत के कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इससे विकास परियोजनाओं की गति पर असर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।










