Harnath Singh Yadav on Reservation: OBC, SC, ST आरक्षण में बड़े बदलाव की तैयारी? जानें भाजपा पूर्व सांसद ने क्या कहा

भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने आरक्षण नीति में बड़े बदलाव की मांग उठाकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर OBC, SC और ST वर्ग के संपन्न लोगों को आरक्षण की सीमा से बाहर करने और इसका लाभ केवल गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों को देने की वकालत की है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 19, 2026

Harnath Singh Yadav on Reservation: भारतीय राजनीति के पन्नों में जाति और आरक्षण ऐसे अध्याय हैं, जो कभी पुराने नहीं पड़ते। दशकों से यह मुद्दा सत्ता की चाबी और चुनावी समीकरणों का केंद्र रहा है। राजनैतिक दलों ने समय-समय पर अपनी सुविधानुसार इस विषय को हवा दी है, यही कारण है कि देश में आरक्षण की व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की मांग अक्सर सिर उठाती रहती है। एक बार फिर, आरक्षण की मर्यादा और इसके वितरण को लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल तेज हो गई है।

न्यायपालिका से विधायिका तक आरक्षण का पेचीदा सफर

भारत में आरक्षण की व्यवस्था इतनी जटिल हो चुकी है कि इसका समाधान अक्सर सुप्रीम कोर्ट की चौखट या संसद की बहसों में तलाशा जाता है। समय-समय पर कोटा प्रणाली में बदलाव की उठती मांगें अब एक सामान्य प्रक्रिया बन चुकी हैं। हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे को मुख्यधारा की चर्चा में ला खड़ा किया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े राजनैतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

भाजपा के कद्दावर नेता ने उठाई नीतिगत बदलाव की मांग

आरक्षण के इस समंदर में पत्थर उछालने का काम भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने किया है। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की वकालत की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से उन्होंने एक ऐसी मांग बुलंद की है, जिसने सीधे तौर पर आरक्षण के वर्तमान स्वरूप को चुनौती दी है।

आरक्षण का लाभ

हरनाथ सिंह यादव का स्पष्ट तर्क है कि OBC, SC और ST वर्गों के भीतर जो परिवार आर्थिक रूप से सक्षम या ‘धनवान’ हो चुके हैं, उन्हें आरक्षण की सीमा से बाहर कर देना चाहिए। उनका मानना है कि आरक्षित श्रेणियों के समृद्ध परिवारों द्वारा कोटा का लाभ लेने के कारण, इन्हीं वर्गों के गरीब और मध्यम वर्गीय बच्चे पीछे छूट जाते हैं। यदि संपन्न लोगों को इस दायरे से हटाया जाता है, तो आरक्षण का वास्तविक लाभ उन जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचेगा जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा दरकार है।

शीर्ष नेतृत्व के पाले में डाली आरक्षण सुधार की गेंद

अपनी इस मांग को वजन देने के लिए हरनाथ सिंह यादव ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे तौर पर टैग किया है। इसके साथ ही भाजपा के आधिकारिक हैंडल्स को भी इसमें शामिल किया गया है। यह कदम दर्शाता है कि वे इस मुद्दे को केवल निजी विचार तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और सरकार के एजेंडे में शामिल करवाना चाहते हैं।

आगामी राजनैतिक संग्राम और भविष्य की चुनौतियां

हालांकि, अभी तक सत्ता पक्ष या विपक्षी खेमे की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतिहास गवाह है कि जब भी आरक्षण की समीक्षा या बदलाव की बात हुई है, देश की राजनीति में भूचाल आया है। हरनाथ सिंह यादव की यह मांग एक नए राजनैतिक संग्राम की आहट दे रही है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस दिशा में कोई कदम उठाती है या यह मुद्दा एक बार फिर चुनावी शोर में दबकर रह जाता है।