Hardeep Singh Puri LPG: LPG संकट की खबरों पर हरदीप पुरी ने लगाया विराम, बोले- ‘देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक, पैनिक बुकिंग से बचें’

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत में एलपीजी संकट की अफवाहें तेज हो गई हैं। इन खबरों पर लगाम लगाते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश के पास कई हफ्तों का एडवांस स्टॉक मौजूद है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग करके सप्लाई चेन न बिगाड़ें।

Hardeep Singh Puri LPG

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 12, 2026

Hardeep Singh Puri LPG: देश में रसोई गैस (LPG) की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों और उपभोक्ताओं के बीच मची अफरा-तफरी के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत के पास पर्याप्त गैस भंडार मौजूद है और किसी भी नागरिक को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

गैस बुकिंग के नए नियम और कालाबाजारी पर नकेल

संसद में संबोधन के दौरान पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए कुछ अस्थाई कड़े कदम उठाए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार, अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता 45 दिनों के अंतराल पर ही दूसरे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे। वहीं, शहरी क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा 25 दिन निर्धारित की गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से गैस की जमाखोरी पर लगाम लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक रसोई गैस आसानी से पहुंच पाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और भारत की सुरक्षित क्रूड सप्लाई

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक ऊर्जा इतिहास में दुनिया ने ऐसा चुनौतीपूर्ण समय पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने बताया कि संकट से पहले भारत का लगभग 45 प्रतिशत कच्चा तेल ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते आता था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शानदार कूटनीतिक साख और सक्रिय विदेश नीति के कारण, भारत ने अन्य वैकल्पिक मार्गों से उतना ही तेल वॉल्यूम हासिल कर लिया है जितना हमें होर्मुज से मिलता था। वर्तमान में भारत की क्रूड सप्लाई की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है।

उत्पादन में 28 फीसदी की बढ़ोतरी: 33 करोड़ परिवारों को भरोसा

देश में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि पिछले पांच दिनों के भीतर रिफाइनरियों को दिए गए विशेष निर्देशों के तहत एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार से अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि देश के 33 करोड़ परिवारों, विशेषकर गरीबों और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की रसोई में ईंधन की कोई कमी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि डोमेस्टिक सप्लाई चेन सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई व्यवधान नहीं आया है।

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार: अफवाहों से बचने की सलाह

संसद में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एलपीजी संकट का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं और छोटे व्यापारियों में घबराहट का माहौल है। इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि यह समय राजनीति करने या झूठी अफवाहें फैलाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में इतिहास के सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा व्यवधान का सामना कर रहा है। सरकार की प्राथमिकता घरों और खेतों के लिए गैस की निर्बाध आपूर्ति है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि संकट के समय देश में पैनिक पैदा करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए कड़े कूटनीतिक प्रयास जारी

सरकार ने अंत में यह दोहराया कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजारों की निगरानी कर रहा है। घरेलू स्तर पर आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आम आदमी के बजट और जीवनशैली पर अंतरराष्ट्रीय संकट का न्यूनतम प्रभाव पड़े। सरकार ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और केवल जरूरत के समय ही सिलेंडर बुक करने का आग्रह किया है, ताकि सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

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