
Hapur News: त्यौहारों का सीजन शुरू हो गया है, ऐसे में क्या आप भी बाजार की चमक-दमक और सस्ती मिठाइयों के लालच में आकर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है? तो जरा रुकिए और सावधानी बरतिए ! आपकी जरा सी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा सकती है क्योंकि त्योहारों के नाम पर मिलावट का काला कारोबार तेजी से सक्रिय हो जाता है.उत्तर प्रदेश के हापुड़ से सामने आई एक बड़ी खबर, जहां प्रशासन ने मिलावटखोरों पर बड़ा शिकंजा कसा है.
गंदगी के बीच तैयार हो रहा था सैकड़ों किलो खोया

आपको बता दे कि, अगर आप भी त्योहारों पर मिठाई खरीदने जा रहे है तो सावधान हो जाइए! हापुड़ में खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में छापा मारकर गंदगी के बीच तैयार किया जा रहा सैकड़ों किलो दूषित खोया पकड़ा। मौके पर ही करीब साढ़े तीन क्विंटल मावा नष्ट करा दिया गया। जांच में फैक्ट्री का वैध निर्माण लाइसेंस भी नहीं मिला।
त्योहारों के बीच हापुड़ में मिलावटी खोये का बड़ा खुलासा
बताते चले कि, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से मिलावट का ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जंगल में चल रहे एक अवैध ठिकाने पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में दूषित खोया बरामद किया। यह मावा मिठाइयां बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता था।
हापुड़ के जंगल में चल रही थी मिलावटी मावे की फैक्ट्री
पूरा मामला हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के भटियाना गांव के जंगल का है। जानकारी के मुताबिक, आबादी से दूर जंगल में मावा तैयार किया जा रहा था। मिलावट करने वालों को शायद लगा कि जंगल की आड़ में उनका काम किसी की नजर में नहीं आएगा, लेकिन खाद्य विभाग को इसकी भनक लग गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग और हाफिजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
गंदगी के बीच तैयार हो रहा था दूषित खोया

छापेमारी के दौरान टीम को मौके पर बेहद गंदा और अस्वास्थ्यकर माहौल मिला। जमीन पर खुले में बड़ी मात्रा में खोया पड़ा था। आसपास धूल-मिट्टी और मक्खियों के बीच मावा तैयार किया जा रहा था। खाने-पीने की चीजें बनाने में साफ-सफाई कितनी जरूरी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां तैयार हो रहे खोये की हालत देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
स्किम्ड मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था मावा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके से भारी मात्रा में स्किम्ड मिल्क पाउडर भी मिला। जांच के दौरान सामने आया कि इसी पाउडर की मदद से खोया तैयार किया जा रहा था। टीम ने जमीन पर फैले करीब 250 से 350 किलोग्राम दूषित मावे को जब्त किया और उसे गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट करा दिया। कार्रवाई का मकसद यह था कि खराब हालत में तैयार किया जा रहा यह मावा किसी तरह बाजार तक न पहुंचे और लोगों की सेहत को नुकसान न हो।
कैसे मिली अवैध फैक्ट्री की सूचना ?
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा के मुताबिक, टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भटियाना गांव के जंगल में रात के समय अवैध तरीके से मावा तैयार किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की मदद से छापा मारा गया। मौके पर गंदगी के बीच खोया तैयार होता मिला। अधिकारियों ने करीब साढ़े तीन क्विंटल दूषित मावा नष्ट कराने की जानकारी दी। साथ ही यह भी सामने आया कि संबंधित रजिस्ट्रेशन की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
बिना वैध लाइसेंस के चल रही फैक्ट्री

जांच में एक और अहम बात सामने आई। जिस दस्तावेज के आधार पर काम किए जाने की बात सामने आई, वह मैन्युफैक्चरिंग यानी उत्पादन का लाइसेंस नहीं था, बल्कि केवल रिटेलर का रजिस्ट्रेशन था। यह रजिस्ट्रेशन भी फरवरी में ही एक्सपायर हो चुका था। ऐसे में मावा बनाने का काम वैध अनुमति के बिना किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने ठिकाने पर चल रहे काम को बंद करा दिया है और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई
इस कार्रवाई के बाद जिले में मिलावट का कारोबार करने वालों के बीच हलचल मची हुई है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। त्योहारों के मौसम में आम लोगों को भी मिठाई और खोया खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। साफ-सुथरी जगह से सामान खरीदें, बिल लें और किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर शक होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें। थोड़ी-सी सतर्कता आपको और आपके परिवार को मिलावटी खाद्य पदार्थों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकती है।











