ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा बनी मध्यप्रदेश की नारी शक्ति की वैश्विक प्रतीक

भोपाल.  कहते हैं कि जब अटूट संकल्प और सही मार्गदर्शन से प्रतिभा हासिल होती है, तो इतिहास रचा जाता है। ग्वालियर की गलियों से निकलकर दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान तक का सफर तय करने वाली अनुष्का शर्मा की कहानी आज देश की हर उस बेटी के लिए मिसाल है, जो अपनी आंखों में बड़े सपने संजोती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्नेहिल स्वागत, कहा बेटियां बनें प्रेरणास्त्रोत अनुष्का की सफलता के सफर में एक अविस्मरणीय और गौरवशाली पल तब जुड़ा जब दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर टी-20 सीरीज खेलने जा रही भारतीय महिला टीम में उनके चयन

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Published On :

अप्रैल 21, 2026

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भोपाल. 
कहते हैं कि जब अटूट संकल्प और सही मार्गदर्शन से प्रतिभा हासिल होती है, तो इतिहास रचा जाता है। ग्वालियर की गलियों से निकलकर दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान तक का सफर तय करने वाली अनुष्का शर्मा की कहानी आज देश की हर उस बेटी के लिए मिसाल है, जो अपनी आंखों में बड़े सपने संजोती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया स्नेहिल स्वागत, कहा बेटियां बनें प्रेरणास्त्रोत
अनुष्का की सफलता के सफर में एक अविस्मरणीय और गौरवशाली पल तब जुड़ा जब दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर टी-20 सीरीज खेलने जा रही भारतीय महिला टीम में उनके चयन की घोषणा हुई। संयोगवश उसी दिन ग्वालियर प्रवास पर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर एयरपोर्ट पर अनुष्का और उनके पिता श्री बृजमोहन शर्मा का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अनुष्का का मुँह मीठा कराया और स्नेहिल बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन कर अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। मुख्यमंत्री के ये शब्द उस समय हकीकत में बदल गए जब अनुष्का ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान में कदम रखा।

अतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 'डेब्यू': कप्तान हरमनप्रीत ने सौंपी नीली कैप
प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को समर्पित “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” मनाया जा रहा है। इसी पावन पखवाड़े के दौरान अनुष्का ने मध्यप्रदेश का मान पूरे विश्व में बढ़ा दिया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज के पहले ही मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की 'प्लेइंग इलेवन' में शामिल किया गया। मैदान पर एक भावुक और गर्व भरे पल के बीच, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अनुष्का को 'टीम इंडिया' की कैप पहनाकर उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) कराया। नीली जर्सी और सिर पर भारतीय कैप पहने अनुष्का का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर उतरना प्रदेश की नारी शक्ति के बढ़ते कदमों का वैश्विक प्रतीक बन गया। इस गौरवमयी क्षण के साथ ही ग्वालियर की अनुष्का वह चमकती सितारा बन गईं, जिसकी गूंज अब पूरी दुनिया सुनेगी।

मध्यप्रदेश क्रिकेट एकेडमी ने तराशा है अनुष्का की प्रतिभा को
अनुष्का के भीतर छुपी क्रिकेट की धार को तराशने में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिवपुरी में संचालित महिला क्रिकेट एकेडमी का अमूल्य योगदान है। भारत की इस एकमात्र सरकारी महिला एकेडमी के अनुशासित प्रशिक्षण और सुविधाओं ने अनुष्का को वह मंच प्रदान किया, जहाँ से उन्होंने घरेलू क्रिकेट से लेकर डब्ल्यूपीएल (वूमेंस प्रीमियर लीग) तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मध्यप्रदेश की इस क्रिकेट अकादमी की अनुष्का सहित तीन खिलाड़ी इस साल डब्ल्यूपीएल में चुनी गईं हैं।

जब छत बनी 'कुरुक्षेत्र' और पिता बने सारथी
अनुष्का का यह सफर आसान नहीं था। कोरोना काल में जब मैदानों पर ताले लटके थे, तब उनके पिता श्री ब्रजमोहन शर्मा ने अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया। उन्होंने ग्वालियर के माधवनगर में स्थित अपने घर की छत पर ही प्रेक्टिस के लिये नेट लगवा दिया। साथ ही एक हिस्से को जिम में बदल दिया। तपती धूप और अनिश्चितता के बीच अनुष्का की 'फिरकी' और 'बल्ले' की गूंज उसी छत से शुरू होकर आज अंतरराष्ट्रीय स्टेडियमों तक जा पहुंची है। अनुष्का का क्रिकेट के प्रति रुझान अपने भाई को क्रिकेट खेलते देखकर पैदा हुआ और ठान लिया कि मुझे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर बनना है।

कठिन दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत पाई सफलता
वर्ष 2022 में मैदान पर खेलते समय बेहोश होने और डेंगू जैसी बीमारी को मात देने वाली अनुष्का ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। डब्ल्यूपीएल 2026 में गुजरात जायंट्स की ओर से 45 लाख रुपये की सबसे महंगी अनकेप्ड खिलाड़ी बनना हो या मध्य प्रदेश को सीनियर वनडे ट्रॉफी में चैंपियन बनाना, अनुष्का ने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।

अनुष्का शर्मा का भारतीय टीम तक का सफर केवल एक खिलाड़ी की जीत भर नहीं है, बल्कि यह उस पिता के विश्वास, एकेडमी के समर्पण और खुद अनुष्का के आत्म-अनुशासन की सामूहिक जीत है। आज पूरा ग्वालियर व मध्यप्रदेश अपनी इस 'क्रिकेट क्वीन' पर गर्व कर रहा है।

अनुष्का की उपलब्धियों के मुख्य पड़ाव
इंटरनेशनल डेब्यू: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी-20 मैच में भारतीय टीम का हिस्सा बनीं।
डब्ल्यूपीएल स्टार: गुजरात जायंट्स के लिए डेब्यू मैच में ही 30 गेंदों में 44 रनों की साहसी पारी।
एमपीएल 2025: 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' सहित सर्वाधिक व्यक्तिगत पुरस्कारों की विजेता।
नेतृत्व क्षमता: मध्य प्रदेश अंडर-19 और सीनियर टीम की कप्तान व उपकप्तान के रूप में शानदार रिकॉर्ड।

 

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