Iran War: मिडिल ईस्ट संकट पर प्रह्लाद जोशी बोले—’हर भारतीय की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता’, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार हाई अलर्ट पर है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया है कि मोदी सरकार हर भारतीय की सुरक्षित वतन वापसी के लिए प्रतिबद्ध है। यूक्रेन संकट की तर्ज पर अब खाड़ी क्षेत्र के लिए भी बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है।

Iran War

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 3, 2026

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Iran War: पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को आश्वासन दिया कि सरकार संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने की योजना पर सक्रियता से काम कर रही है।

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प्रह्लाद जोशी का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि विदेश स्थित भारतीय दूतावासों और मिशनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर चर्चा की जा रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध जैसी स्थितियों के बीच किसी भी भारतीय को नुकसान न पहुंचे। जोशी के अनुसार, निकासी की रूपरेखा तैयार है और जरूरत पड़ने पर इसे तत्काल लागू किया जाएगा।

यूक्रेन मॉडल पर आधारित सुरक्षित वापसी रणनीति

मंत्री ने अतीत के सफल बचाव अभियानों, विशेष रूप से ‘ऑपरेशन गंगा’ (यूक्रेन) का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार दुनिया के किसी भी कोने में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने में सक्षम है। उन्होंने विशेष रूप से कन्नड़ भाषी और अन्य क्षेत्रीय समुदायों के परिवारों को ढांढस बंधाया। जोशी ने स्पष्ट किया कि भारतीय चाहे दुनिया के किसी भी हिस्से में हों, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का प्राथमिक दायित्व है।

दुबई में फंसे यात्रियों के लिए राहत कार्य

मौजूदा संघर्ष के कारण हवाई मार्ग असुरक्षित हो गए हैं, जिससे यात्रा संचालन में बड़ी बाधाएं आ रही हैं। प्रह्लाद जोशी ने स्वीकार किया कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर से उड़ान भरना फिलहाल जोखिम भरा है, इसलिए विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दुबई जैसे प्रमुख केंद्रों पर जहां उड़ानें प्रभावित हुई हैं, वहां फंसे यात्रियों की सहायता के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी का कूटनीतिक हस्तक्षेप

जमीनी स्तर पर तैयारियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कूटनीतिक मोर्चे पर कमान संभाले हुए हैं। सोमवार को पीएम मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर विस्तृत बातचीत की। उन्होंने पश्चिम एशिया में हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। इस संवाद के दौरान, प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से इन देशों में रह रहे भारतीय समुदाय के कुशलक्षेम और उनकी सुरक्षा को लेकर चर्चा की।

क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन के शासक अब्दुल्ला द्वितीय से भी संपर्क कर क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारत का रुख स्पष्ट है कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल होनी चाहिए। सरकार के इन बहुआयामी प्रयासों से यह साफ है कि खाड़ी में फंसे भारतीयों को सुरक्षित घर लाने के लिए हर संभव राजनीतिक और रणनीतिक विकल्प का उपयोग किया जा रहा है।

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