Guatemala Crisis: मध्य अमेरिकी देश ग्वाटेमाला इस समय भीषण हिंसा और गैंगवार की चपेट में है। राजधानी ग्वाटेमाला सिटी में खूंखार आपराधिक गिरोहों द्वारा सात पुलिस अधिकारियों की निर्मम हत्या किए जाने के बाद राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने पूरे देश में 30 दिनों के लिए ‘आपातकाल’ (State of Emergency) की घोषणा कर दी है। यह सख्त कदम तब उठाया गया जब जेलों पर नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़कों पर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। ग्वाटेमाला में ‘बारियो 18’ और ‘मारा साल्वात्रुचा’ (MS-13) जैसे गिरोहों का आतंक इतना बढ़ गया है कि उन्होंने सीधे तौर पर देश की कानून व्यवस्था को चुनौती दे दी है।
जेलों में बगावत: 46 गार्डों को बनाया गया था बंधक
इस पूरे संकट की शुरुआत शनिवार रात को हुई, जब आपराधिक गैंग के सदस्यों ने देश की तीन प्रमुख जेलों पर कब्जा कर लिया। दंगाइयों ने जेल प्रशासन की उस सख्ती का विरोध किया, जिसके तहत जेलों में बंद गैंग लीडरों को मिलने वाली अवैध सुविधाओं पर रोक लगा दी गई थी। इस बगावत के दौरान कैदियों ने कुल 46 जेल गार्डों और कर्मचारियों को हथियार के बल पर बंधक बना लिया। रविवार को सैकड़ों दंगा-रोधी पुलिसकर्मियों ने एस्कुइंटला (राजधानी से 76 किमी दूर) स्थित ‘रेनोवासिओन जेल’ पर धावा बोलकर सुरक्षा घेरा तोड़ा। लंबी कार्रवाई के बाद सुरक्षा बल सभी 46 बंधकों को सुरक्षित रिहा कराने में सफल रहे और जेलों पर दोबारा सरकारी नियंत्रण स्थापित किया गया।
पुलिस पर कायरतापूर्ण हमला: जेल से नियंत्रण वापस मिलते ही भड़की हिंसा
जैसे ही सुरक्षा बलों ने जेलों को गैंगस्टरों के कब्जे से मुक्त कराया, इसके प्रतिशोध में ग्वाटेमाला सिटी की सड़कों पर पुलिस पर अंधाधुंध हमले शुरू हो गए। गृह मंत्री मार्को एंटोनियो विलेडा ने पुष्टि की है कि इन हमलों में 7 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अब तक 7 संदिग्ध हमलावरों को गिरफ्तार किया है, साथ ही उनके पास से दो राइफलें और दो वाहन भी जब्त किए गए हैं। राजधानी के कई इलाकों में अभी भी तनाव का माहौल है और सेना की टुकड़ियों को संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है।
राष्ट्रपति का कड़ा रुख: ‘अपराधियों के सामने नहीं झुकेगी सरकार’
राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो ने राष्ट्र के नाम संबोधन में इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैदियों का यह दंगा और पुलिस पर हमले सरकार को डराने की एक सुनियोजित साजिश है, ताकि प्रशासन गैंगों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई रोक दे। अरेवालो ने कहा, “गैंगों की यह बौखलाहट इस बात का सबूत है कि हमारी सुरक्षा नीतियां सफल हो रही हैं। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।” राष्ट्रपति ने मारे गए पुलिसकर्मियों के सम्मान में तीन दिनों के ‘राष्ट्रीय शोक’ की घोषणा की है। गृह मंत्री ने भी दो टूक कहा है कि सरकार किसी भी अपराधी से कोई समझौता या सौदा नहीं करेगी।
आपातकाल के मायने: क्या होगा नागरिकों पर असर?
30 दिनों के आपातकाल के दौरान सरकार को विशेष अधिकार प्राप्त होंगे। इसके तहत सुरक्षा बलों को बिना वारंट के संदिग्धों को गिरफ्तार करने और तलाशी लेने की छूट होगी। साथ ही, सभा करने की स्वतंत्रता और आवाजाही पर भी कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ग्वाटेमाला की जनता इस वक्त दहशत में है, लेकिन सरकार का दावा है कि यह कदम देश को इन खूंखार आपराधिक गिरोहों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अनिवार्य है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि सुरक्षा अभियानों के दौरान आम नागरिकों के अधिकारों का हनन न हो।
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