ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से मिलेगी राहत, 6 लेन अंडरपास का 3 दिन ट्रायल शुरू

  नोएडा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए गौर चौक का जाम रोज की परेशानी रहा है. सुबह ऑफिस जाने का समय हो या शाम को घर लौटने की भीड़, इस चौराहे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं. अब इस परेशानी को कम करने के लिए 92 करोड़ रुपये की लागत से बना 6 लेन का अंडरपास खोल दिया गया है।  आज गुरुवार 5 नवंबर से इस अंडरपास पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है. हालांकि, फिलहाल इसे आम लोगों के लिए ट्रायल के तौर पर खोला गया है. यह ट्रायल 5 से 7

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नवम्बर 6, 2026

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  नोएडा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए गौर चौक का जाम रोज की परेशानी रहा है. सुबह ऑफिस जाने का समय हो या शाम को घर लौटने की भीड़, इस चौराहे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं. अब इस परेशानी को कम करने के लिए 92 करोड़ रुपये की लागत से बना 6 लेन का अंडरपास खोल दिया गया है। 

आज गुरुवार 5 नवंबर से इस अंडरपास पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है. हालांकि, फिलहाल इसे आम लोगों के लिए ट्रायल के तौर पर खोला गया है. यह ट्रायल 5 से 7 नवंबर तक चलेगा. यानी तीन दिन तक अधिकारी देखेंगे कि अंडरपास से गाड़ियां किस तरह निकल रही हैं और कहीं कोई परेशानी तो नहीं आ रही। 

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति गोलचक्कर को गौर चौक के नाम से भी जाना जाता है. यह इलाका ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए अहम रास्ता है. यहां गाड़ियों का दबाव काफी ज्यादा रहता है। 

खासकर सुबह और शाम के समय इस चौराहे पर जाम लग जाता है. इसकी वजह से लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी काफी वक्त लग जाता है. नए अंडरपास से इसी परेशानी को कम करने की कोशिश की गई है। 

700 मीटर लंबा, छह लेन का अंडरपास
करीब 700 मीटर लंबे इस अंडरपास को बनाने में लगभग 92 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इसमें आने-जाने के लिए कुल छह लेन बनाई गई हैं. इसके शुरू होने से ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद और गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा आने-जाने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों के मुताबिक, अंडरपास के चालू होने से गौर चौक पर गाड़ियों का दबाव कम हो सकता है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की करीब पांच लाख आबादी को इस अंडरपास से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

अंडरपास को सिर्फ गाड़ियों की आवाजाही के लिहाज से ही तैयार नहीं किया गया है. इसकी दीवारों पर खूबसूरत चित्रकारी की गई है और आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं. बारिश के दिनों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं. हालांकि, असली परीक्षा बारिश के दौरान ही होगी, जब यह पता चलेगा कि पानी निकालने की व्यवस्था कितनी कारगर है। 

तीन दिन के ट्रायल में क्या देखा जाएगा?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम एके सिंह के मुताबिक, फिलहाल अंडरपास को तीन दिन के ट्रायल पर खोला गया है. इस दौरान ट्रैफिक की आवाजाही और निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी. अगर ट्रायल के दौरान कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाएगा. इसके बाद आगे की व्यवस्था तय की जाएगी. अब लोगों की उम्मीद है कि अंडरपास शुरू होने के बाद गौर चौक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी. हालांकि, इसका असली असर तब पता चलेगा जब रोजाना की तरह बड़ी संख्या में गाड़ियां यहां से गुजरेंगी। 

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