सरकारी स्कूलों के छात्रों ने रचा इतिहास, पंजाब 12वीं मेरिट लिस्ट में 122 नाम; Bhagwant Mann ने बढ़ाया हौसला

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार की 'शिक्षा क्रांति' का असर अब जमीन पर दिखने लगा है. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं कक्षा के नतीजों में सरकारी स्कूलों ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।  राज्य के 416 सरकारी स्कूलों ने इस बार 100 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया है. वहीं, मेरिट सूची में आने वाले कुल 275 विद्यार्थियों में से 122 छात्र सरकारी स्कूलों के हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आए क्रांतिकारी बदलाव की गवाही दे रहा है।  इस बार 12वीं के नतीजों में तीन बेटियों ने इतिहास रच दिया है. मानसा की सुपनीत

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Published On :

मई 16, 2026

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चंडीगढ़ 
पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार की 'शिक्षा क्रांति' का असर अब जमीन पर दिखने लगा है. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं कक्षा के नतीजों में सरकारी स्कूलों ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 

राज्य के 416 सरकारी स्कूलों ने इस बार 100 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया है. वहीं, मेरिट सूची में आने वाले कुल 275 विद्यार्थियों में से 122 छात्र सरकारी स्कूलों के हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आए क्रांतिकारी बदलाव की गवाही दे रहा है। 

इस बार 12वीं के नतीजों में तीन बेटियों ने इतिहास रच दिया है. मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिवांशी ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में इन टॉपरों से मुलाकात की और तीनों छात्राओं को उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए 50-50 हजार रुपए की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। 

पढ़ाई के साथ खेल में भी अव्वल हैं टॉपर
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान एक बेहद सुखद पहलू सामने आया. ये तीनों टॉपर छात्राएं राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ी भी हैं. इस पर गर्व जताते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, "यह हमारे लिए बेहद संतोष की बात है कि ये बेटियां खेल के मैदान के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं. यह दर्शाता है कि साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद हमारी लड़कियां हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। 

उन्होंने आगे कहा, "सभी टॉपर साधारण पृष्ठभूमि से हैं. पंजाब सरकार उनके सपनों को साकार करने में उन्हें पूरा समर्थन और सहयोग देगी." शिक्षा क्षेत्र में लड़कियों के लगातार शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह हमारे लिए गर्व की बात है कि शिक्षा के प्रसार के साथ लड़कियों ने न सिर्फ शिक्षा क्षेत्र में बल्कि हर क्षेत्र में लड़कों को पछाड़ दिया है. समय ने साबित कर दिया है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। 

लड़कियों ने फिर पछाड़ा, अमृतसर जिला रहा सबसे आगे
नतीजों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल करीब 2.65 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें कुल पास प्रतिशत 91.46 रहा. इस बार भी लड़कियों का पास प्रतिशत (94.73%) लड़कों (88.52%) से काफी बेहतर रहा. मेरिट सूची के कुल 278 विद्यार्थियों में 217 लड़कियां शामिल हैं. जिलों की बात करें तो अमृतसर 96% रिजल्ट के साथ सबसे आगे रहा, जबकि पटियाला से सबसे ज्यादा 59 छात्रों ने मेरिट सूची में जगह बनाई। 

एयरफोर्स पायलट बनने का सपना
मुलाकात के दौरान जब एक टॉपर छात्रा ने भारतीय वायुसेना (IAF) में पायलट बनने की इच्छा जताई, तो मुख्यमंत्री ने उसका हौसला बढ़ाया. उन्होंने छात्राओं को मोहाली के 'माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स' में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि यह देश का इकलौता आवासीय संस्थान है जो लड़कियों को सेना में कमिशंड अफसर बनने के लिए AFCAT, CDS और SSB जैसी परीक्षाओं की तैयारी करवाता है। 

इस खास मौके पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत और स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

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