सरकार ने टाली JPC बैठकें, संसद में बिलों पर बढ़ी अनिश्चितता

 नई दिल्ली संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार के दो बड़े और विवादित बिलों पर बनी संयुक्त संसदीय समितियों-JPC की बैठकों में अचानक देरी देखी जा रही है। भ्रष्टाचार-रोधी बिल पर रिपोर्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया टलने के एक दिन बाद, सोमवार को उच्च शिक्षा से जुड़े 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल' की जांच कर रही JPC की बैठक भी रद्द कर दी गई। सूत्रों को मुताबिक, बीजेपी सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी की अध्यक्षता वाली JPC को सोमवार को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी देनी थी, लेकिन बैठक टाल दी गई। अगली तारीख अभी तय नहीं है। यह पैनल देश

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Published On :

जुलाई 20, 2026

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 नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार के दो बड़े और विवादित बिलों पर बनी संयुक्त संसदीय समितियों-JPC की बैठकों में अचानक देरी देखी जा रही है।

भ्रष्टाचार-रोधी बिल पर रिपोर्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया टलने के एक दिन बाद, सोमवार को उच्च शिक्षा से जुड़े 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल' की जांच कर रही JPC की बैठक भी रद्द कर दी गई।

सूत्रों को मुताबिक, बीजेपी सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी की अध्यक्षता वाली JPC को सोमवार को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी देनी थी, लेकिन बैठक टाल दी गई। अगली तारीख अभी तय नहीं है। यह पैनल देश के कई उच्च शिक्षा रेगुलेटर्स को हटाकर एक ही मुख्य संस्था बनाने के सरकार के प्रस्ताव की जांच कर रहा है।

इससे पहले बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली JPC ने भी अपनी बैठक टाल दी थी। यह समिति उस संविधान संशोधन बिल की जांच कर रही है जिसमें गंभीर आरोपों में 30 दिन तक गिरफ्तार रहने पर PM, CM और मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है। बैठक बीच में ही रोक दी गई थी, जबकि सदस्य पहले ही 5 में से 2 सिफारिशों को बहुमत के पास कर चुके थे।

दोनों पैनलों के सदस्यों को अंतिम बैठकों से कुछ दिन पहले ही ड्राफ्ट रिपोर्ट दे दी गई थी।
इस घटनाक्रम को सरकार की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें वह टकराव वाले मुद्दों से फिलहाल बचना चाहती है। सरकार अभी DMK और NCP (SP) जैसी विपक्षी पार्टियों को लोकसभा और विधानसभाओं की सीटें बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े अपने बड़े राजनीतिक कदम के लिए मनाने में जुटी है। गैर-NDA पार्टियों ने इन दोनों बिलों का कड़ा विरोध किया है।

संभावना जताई जा रही है कि संसद के मौजूदा सत्र में भ्रष्टाचार-रोधी और उच्च शिक्षा रेगुलेशन से जुड़ा कोई भी बिल पेश नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक दो दिन पहले, बहुत विवादित बिलों पर बनी दो JPC, जिनमें से एक के लिए संविधान संशोधन की जरूरत है और दूसरा संविधान के दायरे से बाहर जाकर काम करने का साफ मामला है, ने अपनी रिपोर्ट को मंजूरी देने का काम टाल दिया है।

उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को लोकसभा में मोदी सरकार को जो शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी, उसका असर साफ तौर पर अभी भी बना हुआ है।

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