UP News: गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुए विवाद के बाद पार्टी नेतृत्व ने बिना देरी किए अगले ही दिन बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ कथित मारपीट और थप्पड़ की घटनाके बाद रविवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गोरखपुर की जिला और महानगर कार्यकारिणी समेत कई संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है. इस कार्रवाई में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के साथ विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य भी शामिल हैं.
सपा गोरखपुर जिला कार्यकारिणी और महानगर इकाई भंग

आपको बता दे कि, लखनऊ से रविवार दोपहर जारी सूचना के मुताबिक गोरखपुर जिलाध्यक्ष सहित जिला कार्यकारिणी, महानगर अध्यक्ष सहित महानगर कार्यकारिणी को भंग किया गया है। इसके अलावा फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, पदाधिकारी और सदस्यों को भी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया गया है। गोरखपुर से संबंधित समाजवादी पार्टी की राज्य और फ्रंटल संगठनों की प्रदेश कार्यकारिणियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों पर भी यह फैसला लागू किया गया है।
प्रेस क्लब विवाद के कुछ घंटों बाद पार्टी ने किया निष्कासन

बताते चले कि, यह संगठनात्मक कार्रवाई शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में हुई घटना के बाद सामने आई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी और अंशुमान सिंह से जुड़े लोगों के बीच बैठने की जगह को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि कहासुनी के बाद नगीना साहनी के साथ हाथापाई हुई और उन्हें थप्पड़ मारा गया। घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने अंशुमान सिंह को निष्कासित कर दिया था।
प्रेस क्लब में कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, शनिवार को सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम की प्रेस वार्ता चल रही थी। इसी दौरान अंशुमान सिंह समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, समर्थक उन्हें प्रमुख नेताओं के साथ आगे की पंक्ति में बैठाना चाहते थे। वहां पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी पहले से बैठे थे। इसी को लेकर उनसे कुर्सी खिसकाने को कहा गया और बातचीत धीरे-धीरे तीखी बहस में बदल गई।
कैसे शुरु हुआ विवाद ?
कुर्सी को लेकर शुरू हुई बहस कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने राम नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया। मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। घटना के कारण प्रेस वार्ता भी प्रभावित हुई और वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया
घटना के बाद राम नगीना साहनी की ओर से पुलिस में शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, अंशुमान सिंह, उनके दो बेटों कमलेश और विमलेश सिंह सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। मामले में मारपीट और धमकी समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की बात सामने आई है। घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, हालांकि उसकी स्वतंत्र पुष्टि सभी रिपोर्टों में नहीं की गई है।
‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के बीच सपा में संगठनात्मक संकट

गोरखपुर में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस समाजवादी पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ से जुड़े कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई थी। पार्टी नेता मीडिया के सामने लोकतंत्र और वोट से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान पार्टी नेताओं के बीच विवाद सामने आने से प्रेस वार्ता का पूरा फोकस बदल गया। अगले दिन संगठन की कई इकाइयों को भंग किए जाने से यह मामला और चर्चा में आ गया।
नए संगठन के गठन पर नजर रहेगी
अखिलेश यादव के निर्देश पर गोरखपुर की जिला और महानगर इकाइयों के साथ विभिन्न फ्रंटल संगठनों को भंग किए जाने के बाद अब नए संगठन के गठन पर नजर रहेगी। फिलहाल पार्टी ने संबंधित इकाइयों के पदाधिकारियों और सदस्यों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह फैसला शनिवार की घटना के बाद सपा नेतृत्व की ओर से की गई लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है।










