UP News: गोरखपुर में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बवाल, कुर्सी से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंचा

गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुर्सी को लेकर विवाद बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया। पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और अंशुमान सिंह के समर्थकों के बीच कहासुनी हुई। नगीना ने अंशुमान के बेटे पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। घटना के बाद शिकायत दर्ज हुई और अंशुमान सिंह पर पार्टी कार्रवाई की बात सामने आई।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शनिवार को समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुर्सी पर बैठने को लेकर अच्छा-खासा बखेड़ा खड़ा हो गया. देखते ही देखते यह मामला गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया. इसी दौरान पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह के समर्थक आमने-सामने आ गए. मिली जानकारी के अनुसार, घटना दोपहर करीब 2:45 बजे जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में हुई.

क्या था पूरा मामला ?

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गोरखपुर में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बवाल

गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस शनिवार को उस समय हंगामे में बदल गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सभागार में अधिकांश कुर्सियां भरी हुई थी. इसी बीच अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे. कुर्सी को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया. आरोप है कि अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने बहस के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया. मौके पर मौजूद सपा नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया.

प्रेस क्लब में हंगामे के बाद सपा से निष्कासन

घटना के कुछ समय बाद अंशुमान सिंह को समाजवादी पार्टी से बाहर किए जाने की जानकारी सामने आई. वहीं, घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें मारपीट का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। विवाद के बाद पार्टी के स्थानीय नेताओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई.

‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ को लेकर हो रही थी प्रेस कॉन्फ्रेंस

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सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ को लेकर जानकारी दे रहे थे। समाजवादी पार्टी की ओर से यह कार्यक्रम 2 से 8 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसी दौरान गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस क्लब पहुंचे और कुर्सी को लेकर विवाद शुरू हो गया।

अंशुमान सिंह ने लगाया छवि खराब करने की साजिश का आरोप

अंशुमान सिंह ने घटना को लेकर कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए पूरा विवाद खड़ा किया गया। उनका आरोप है कि पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। अंशुमान सिंह ने कहा कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से वह 2027 के चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे हैं और नगीना साहनी भी इसी सीट से दावेदारी कर रहे हैं।

अंशुमान ने यह भी आरोप लगाया कि नगीना साहनी ने गाली-गलौज की और पार्टी के संभावित प्रत्याशियों के खिलाफ टिप्पणी की। हालांकि, उन्होंने अपनी ओर से किसी तरह की गाली-गलौज किए जाने से इनकार किया।

नगीना साहनी ने लगाया मारपीट और धमकी का आरोप

नगीना साहनी ने आरोप लगाया कि अंशुमान सिंह के साथ आए लोग उनसे जबरन कुर्सी खाली कराने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खाली जगह पर बैठने की बात कहने के बाद विवाद बढ़ा और उनके साथ गाली-गलौज तथा हाथापाई की गई।नगीना साहनी ने आरोप लगाया कि वह मछुआरा-निषाद समाज से आते हैं और इसी वजह से उन्हें कमजोर समझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दबाव और वर्चस्व के जरिए राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

घटना के बाद नगीना साहनी ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर अंशुमान सिंह, उनके दोनों बेटों कमलेश सिंह और विमलेश सिंह समेत 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। नगीना ने आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।

टिकट की दावेदारी पर नगीना साहनी का बयान

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गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी को लेकर नगीना साहनी ने कहा कि अंतिम फैसला समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2012 से टिकट की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें मौका नहीं मिला।नगीना साहनी ने कहा कि पार्टी में किसी भी नेता को टिकट मांगने का अधिकार है, लेकिन मारपीट और अनुशासनहीनता की अनुमति किसी को नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंशुमान सिंह के साथ कुछ लोग हथियार लेकर प्रेस क्लब पहुंचे थे। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

काजल निषाद ने घटना को बताया निंदनीय

सपा नेता काजल निषाद ने प्रेस क्लब में हुई घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत एसआईआर के मुद्दे और वोट कटने से जुड़े विषयों को उठाया जा रहा है। काजल निषाद ने कहा कि चुनाव के दौरान हर नेता को टिकट मांगने का अधिकार है, लेकिन आपसी विवाद को इस तरह बढ़ाना उचित नहीं है।

अखिलेश यादव के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई

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सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंशुमान सिंह अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रख रहे थे और कुर्सी को लेकर वास्तव में क्या हुआ, यह उन्होंने नहीं देखा। बृजेश गौतम ने कहा कि घटना की पूरी जानकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी जाएगी और आगे की कार्रवाई राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार होगी। उन्होंने अंशुमान सिंह को व्यक्तिगत रूप से बुलाए जाने के दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम की सूचना सभी नेताओं को पार्टी के ग्रुप के माध्यम से दी गई थी।