UP News: गोरखपुर में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 72 वर्षीय परवेज परवाज की शनिवार देर रात मौत हो गई। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन के मुताबिक, परवेज परवाज की हालत बिगड़ने पर जेल के चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया था। रात करीब 2:50 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दे दी। अधिकारियों के अनुसार, रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था, ताकि मौत के कारणों से जुड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सामूहिक दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था परवेज परवाज

बताते चले कि, परवेज परवाज गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र के तुर्कमानपुर का रहने वाला था। वह 26 सितंबर 2018 से जिला कारागार में बंद था। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने 28 जुलाई 2020 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहा था। जानकारी के मुताबिक, परवेज परवाज का नाम अन्य मामलों में भी सामने आया था। वह पायरेटेड सीडी प्रसारित करने के मामले में भी आरोपित था। इसके अलावा सेवन सीएलए से जुड़े एक मामले में भी उसे सजा हुई थी। जेल में रहने के दौरान उसे कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थी।
बीपी, शुगर और सांस की बीमारी से जूझ रहा था कैदी
जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय के मुताबिक, परवेज परवाज को ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और सांस संबंधी बीमारी थी। शनिवार रात करीब 2:15 बजे जिला कारागार की अस्पताल बैरक में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल में मौजूद चिकित्सक ने उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजने का फैसला किया। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया। हालांकि, इलाज के दौरान रात 2:50 बजे उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन ने उसके परिवार को घटना की जानकारी दे दी थी। मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच से हो सकेगी।
योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने से चर्चा में आया था नाम

परवेज परवाज का नाम वर्ष 2007 में गोरखपुर में हुए दंगे के बाद भी काफी चर्चा में आया था। उस समय योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद थे। परवेज परवाज ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले को लेकर उस दौर में राजनीतिक और कानूनी स्तर पर काफी चर्चा हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले की जांच में मुकदमे से जुड़े आरोपों को फर्जी पाया गया था। इसके बाद भी परवेज परवाज का नाम अलग-अलग मामलों के कारण सुर्खियों में बना रहा। हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों और उनमें हुई कानूनी कार्रवाई को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखा जाना जरूरी है।
पोस्टमार्टम से सामने आएंगे मौत से जुड़े अहम तथ्य
जिला कारागार प्रशासन के अनुसार, परवेज परवाज की मौत के बाद उसके परिवार को सूचना दे दी गई थी। रविवार को पोस्टमार्टम कराए जाने की जानकारी दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के चिकित्सकीय कारणों को समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल, जेल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, परवेज परवाज की तबीयत रात में बिगड़ी थी और जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हुई। उसके स्वास्थ्य संबंधी इतिहास को देखते हुए चिकित्सकीय जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।










