गूगल का बड़ा अपडेट: अब आपकी ऐप्स से जुड़कर जवाब देगा AI

गूगल ने इस साल की शुरुआत में सर्चिंग को बेहतर बनाने के लिए पर्सनल इंटेलीजेंस फीचर को लॉन्च किया था. साल की शुरुआत में इसको अमेरिका में लॉन्च किया था और अब इसको भारत में लॉन्च कर दिया गया है. Gemini के लिए पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर की मदद से यूजर्स को बेहतर सर्चिंग एक्सपीरियंस मिलेगा. ये लेटेस्ट फीचर गूगल के ऐप्स जैसे जीमेल, गूगल फोटोज, यूट्यूब और गूगल सर्च से जानकारी को सुरक्षित तरीके से जोड़ता है, जिसके बाद यूजर्स की पसंद के आधार पर जवाब देता है. उदाहरण के तौर पर समझें तो आप जयपुर घूमने का प्लान बनाते

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 15, 2026

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गूगल ने इस साल की शुरुआत में सर्चिंग को बेहतर बनाने के लिए पर्सनल इंटेलीजेंस फीचर को लॉन्च किया था. साल की शुरुआत में इसको अमेरिका में लॉन्च किया था और अब इसको भारत में लॉन्च कर दिया गया है. Gemini के लिए पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर की मदद से यूजर्स को बेहतर सर्चिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.

ये लेटेस्ट फीचर गूगल के ऐप्स जैसे जीमेल, गूगल फोटोज, यूट्यूब और गूगल सर्च से जानकारी को सुरक्षित तरीके से जोड़ता है, जिसके बाद यूजर्स की पसंद के आधार पर जवाब देता है.

उदाहरण के तौर पर समझें तो आप जयपुर घूमने का प्लान बनाते हैं और ट्रिप को लेकर सर्च करते हैं. इसके बाद पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर जीमेल पर रिसीव टिकट और होटल की डिटेल्स को लेगा, जिसके बाद वह यूट्यूब पर देखे वीडियो के आधार पर घूमने की सलाह देगा. साथ लगने वाले समय को भी बताएगा.

दो कैपिबिलिटीज पर काम करता है
पर्सनल इंटेलिजेंस फीचर असल में दो कैपिबिलिटीज पर काम करता है. इसमें एक कॉम्प्लैक्स और अलग-अलग सोर्स से आने वाली को समझना है. दूसरा कनेक्टेड ऐप्स से खास जानकारी निकालना है.  यह सिस्टम टेक्स्ट, फोटो और वीडियो डेटा को मिलाकर AI ज्यादा सटीक जवाब देने की कोशिश करता है.

डेटा प्राइवेसी का रखा है ध्यान
Google का दावा है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वैसे तो इस फीचर बंद करके रखा जाता है, जिसे यूजर्स को खुद मैनुअली जाकर ऑन करना होता है.

इसमें यूजर्स को पूरा कंट्रोल मिलता है, जिसमें यूजर्स तय कर सकते हैं कि कौन-कौन से ऐप्स से डेटा ले सकते हैं. यहां गौर करने वाली बात यह है कि यह सिस्टम थर्ड पार्टी ऐप्स के पास जाता नहीं है. यहां सोर्स को एकदम ट्रांस्परेंट रखा है, जहां AI बता सकता है कि जवाब किस स्रोत से आया है.

मॉडल ट्रेनिंग कैसे होती है
गूगल ने साफ कर दिया है कि जेमिनाई सीधे यूजर के जीमेल या फोटोज के डेटा पर ट्रेन नहीं होगा. ये ट्रेनिंग लिमिटेड डेटा पर होगी, जिसमें प्रॉम्प्ट और AI के जवाब पर होती है. बताते चलें कि मौजूदा वर्जन अभी बीटा फेज में है, जिसमें कुछ लिमिटेशन मौजूद हैं.

भारत में यह फीचर अभी सिर्फ गूगल एआई प्लस, प्रो और अल्ट्रा सब्सक्राइबर के लिए रोलआउट हो रहा है. जल्द ही फ्री वर्जन यूजर्स के लिए भी यह उपलब्ध होगा. यह वेब और स्मार्टफोन पर काम करेगा.

AI पर्सनालाइज को कैसे करें ऑन
गूगल का पर्सनल इंटीलेंज फीचर को ऑन करना बहुत ही सिंपल है. एलिजिबल यूजर्स को जेमिनाई ऐप्स को ओपन करना होगा, फिर सेटिंग्स में जाना होगा. इसके बाद पर्सनल इंटेलीजेंस पर क्लिक करें, जिसके बाद कनेक्टेड ऐप्स को चुनना होगा.

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