Gold-Silver Price: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं के दाम आसमान छू रहे हैं।
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भारतीय सर्राफा बाजार में हाहाकार
घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। चांदी की कीमत (Silver Price) में 10,460 रुपये की भारी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 2.92 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। वहीं, सोने का भाव (Gold Rate) भी पीछे नहीं रहा और 5,260 रुपये की उछाल के साथ 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों द्वारा की जा रही आक्रामक खरीदारी इस तेजी का मुख्य कारण है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं की चमक बढ़ी
दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ने से कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमतें 5,400 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई हैं, जो इंट्राडे कारोबार में 2.5% से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। चांदी ने भी इसी राह पर चलते हुए शुरुआती सत्र में तेज बढ़त हासिल की और 96.93 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छुआ। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को बुलियन मार्केट की ओर धकेल दिया है।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी
वर्तमान तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया (West Asia) की तनावपूर्ण स्थिति है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता ओमान की मध्यस्थता में जारी है, लेकिन प्रगति की धीमी गति ने बाजार को सशंकित कर दिया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा कर दिया है। जब तक भू-राजनीतिक जोखिम (Geopolitical Risk) कम नहीं होते, तब तक बाजार में अस्थिरता बने रहने की पूरी संभावना है।
क्या सोना ₹2 लाख और चांदी $100 के स्तर को छुएगी?
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि युद्ध के हालात और बिगड़ते हैं, तो कीमतों में और भी विस्फोटक तेजी आ सकती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, चरम परिस्थितियों में घरेलू बाजार में सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और वैश्विक स्तर पर 6,000 डॉलर प्रति औंस के जादुई आंकड़े को पार कर सकता है। वहीं, विश्लेषकों का यह भी मानना है कि चांदी जल्द ही 100 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को चुनौती दे सकती है।
सोने की कीमतों में सालाना 20% का भारी उछाल
वर्ष 2026 कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में 20% से अधिक की वृद्धि हो चुकी है। यह लगातार सातवां महीना है जब सोने ने बढ़त दर्ज की है, जो कि 1973 के बाद की सबसे लंबी तेजी का दौर है। फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर आशंकाएं, व्यापारिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के दबाव ने सोने को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।
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