Gold Price Today: देश में भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले सर्राफा बाजार से ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार कई हफ्तों तक रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने के बाद, गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती के चलते सोने के दामों में यह नरमी आई है।
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दिल्ली से लेकर मुंबई तक सोने के नए दाम
गुरुवार, 27 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत फिसलकर 1,63,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, देश के अन्य महानगरों जैसे मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 22 कैरेट सोने का भाव गिरकर 1,50,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका साबित हो सकती है।
प्रमुख शहरों में सोने की ताजा कीमतें
देश के अलग-अलग बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के रेट इस प्रकार हैं:
दिल्ली: 24 कैरेट सोना 1,63,890 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,50,240 रुपये प्रति 10 ग्राम।
मुंबई और कोलकाता: 24 कैरेट सोना 1,63,740 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,50,090 रुपये प्रति 10 ग्राम।
चेन्नई और बेंगलुरु: 24 कैरेट सोना 1,63,740 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,50,090 रुपये प्रति 10 ग्राम।
लखनऊ और जयपुर: 24 कैरेट सोना 1,63,890 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,50,240 रुपये प्रति 10 ग्राम।
अहमदाबाद और भोपाल: 24 कैरेट सोना 1,63,790 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,50,140 रुपये प्रति 10 ग्राम।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी नरमी
केवल सोना ही नहीं, बल्कि दूसरी प्रमुख कीमती धातु चांदी के दामों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। 27 अगस्त को घरेलू बाजार में चांदी की कीमत लुढ़ककर 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो हाजिर सोना (Spot Gold) 4,619.21 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी (Spot Silver) 68.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव के मुख्य कारण
सोने और चांदी के घरेलू भाव पूरी तरह से वैश्विक और स्थानीय दोनों कारकों पर निर्भर करते हैं। इस गिरावट के मुख्य कारणों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं। पिछले कई हफ्तों से लगातार जारी तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करना। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना। विदेशी बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी पड़ता है।










