‘गजनवी भारतीय लुटेरा था’—हामिद अंसारी के विवादित बयान से सियासत गरम, BJP ने कांग्रेस को घेरा

 नई दिल्ली पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है. अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास की किताबों में जिन विदेशी आक्रांताओं और लुटेरों को दिखाया गया है, वे असल में ‘भारतीय लुटेरे’ थे. इस संदर्भ में उन्होंने महमूद गजनवी का भी उदाहरण दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद पैदा हुआ है. अंसारी के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीकी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने इस बयान को "बीमारी की मानसिकता" करार दिया और कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति का यह वक्तव्य

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Published On :

जनवरी 30, 2026

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 नई दिल्ली

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है. अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास की किताबों में जिन विदेशी आक्रांताओं और लुटेरों को दिखाया गया है, वे असल में ‘भारतीय लुटेरे’ थे. इस संदर्भ में उन्होंने महमूद गजनवी का भी उदाहरण दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद पैदा हुआ है.

अंसारी के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीकी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने इस बयान को "बीमारी की मानसिकता" करार दिया और कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति का यह वक्तव्य देश के इतिहास और भावनाओं के प्रति अपमान है. उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं से जुड़ी इस तरह की सोच पूरी देश की बदनामी का कारण बनती है.

बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा. राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अंसारी के कथित बयान का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि कांग्रेस और उसके समर्थक उन आक्रांताओं की महिमा मंडित करते हैं जिन्होंने मंदिरों को नष्ट किया. उन्होंने कहा, "गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तबाह किया था, फिर भी उसे सराहा जा रहा है."

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और आक्रांताओं के कृत्यों को नजरअंदाज करती है. उन्होंने कांग्रेस को ‘आधुनिक मुस्लिम लीग’ भी कहा.

इतिहास को लेकर BJP प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुगल शासक बगदाद के खलीफा के नाम पर शासन करते थे, जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटिश राजाओं के प्रतिनिधि होते थे. उन्होंने इस बयान को देश की भावना के खिलाफ और और भ्रम फैलाने वाला बताया.

इस मामले ने राजनीतिक घमासान बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ा दी है. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और यह विवाद अभी भी जारी है.

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