
Garuda Shakti 2026 : भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति-2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अभ्यास का 11वां संस्करण 5 नवंबर 2026 को इंडोनेशिया के बान्यूवांगी में आयोजित समापन समारोह के साथ पूरा हुआ। इसमें भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) और इंडोनेशियाई सेना के विशेष कमांडो दस्ते ने हिस्सा लिया। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की विशेष सेनाओं के बीच सामंजस्य, युद्ध कौशल और ऑपरेशनल क्षमताओं को बेहतर बनाना था।
जंगलों में युद्ध और हेलिबोर्न ऑपरेशन पर विशेष जोर
इस बार गरुड़ शक्ति अभ्यास में जंगलों के भीतर युद्ध करने की रणनीतियों पर खास ध्यान दिया गया। सैनिकों को घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने तथा मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रशिक्षण दिया गया।हेलिबोर्न ऑपरेशन के दौरान दोनों देशों के कमांडो ने हेलीकॉप्टर से तेजी से उतरने, निर्धारित लैंडिंग जोन को सुरक्षित करने और जंगलों में आगे बढ़कर सैन्य अभियान चलाने का अभ्यास किया। इस प्रशिक्षण का मकसद कम समय में कठिन परिस्थितियों के बीच प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता विकसित करना था।
कॉम्बैट ट्रैकिंग और ड्रोन तकनीक से बढ़ाई निगरानी क्षमता
अभ्यास के दौरान कॉम्बैट ट्रैकिंग भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इसके तहत सैनिकों को जमीन पर मौजूद पैरों के निशान, गतिविधियों और अन्य संकेतों के आधार पर संभावित दुश्मन की स्थिति का पता लगाने की ट्रेनिंग दी गई।इसके अलावा आधुनिक ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए निगरानी और टोही अभियान चलाए गए। सैनिकों ने ड्रोन की मदद से आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाने और ऑपरेशन के दौरान बदलती परिस्थितियों पर नजर रखने का अभ्यास किया। दोनों सेनाओं ने अपने हथियारों, सैन्य उपकरणों और युद्ध संचालन से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
48 घंटे के ऑपरेशन में कमांडो की असली परीक्षा
संयुक्त प्रशिक्षण के बाद 48 घंटे का वैलिडेशन एक्सरसाइज आयोजित किया गया। इसमें पिछले सात दिनों में सीखी गई सैन्य तकनीकों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में परखा गया।इस दौरान सैनिकों की पेट्रोलिंग, कॉम्बैट ट्रैकिंग, पर्वतीय अभियानों, आपसी तालमेल और लगातार मिशन को अंजाम देने की क्षमता का आकलन किया गया। इस चुनौतीपूर्ण अभ्यास के जरिए यह जांचा गया कि दोनों देशों के कमांडो संयुक्त रूप से जटिल सैन्य अभियान कितनी प्रभावी तरीके से पूरा कर सकते हैं।
समापन समारोह में मौजूद रहे दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी
5 नवंबर को आयोजित समापन समारोह में इंडोनेशिया में भारत के राजदूत और इंडोनेशियाई सेना की डिवीजन-2 के कमांडर शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास के दौरान निर्धारित सभी प्रशिक्षण उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया।
भारत के लिए इंडोनेशिया के साथ गरुड़ शक्ति क्यों महत्वपूर्ण?
भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। ऐसे में गरुड़ शक्ति जैसे संयुक्त अभ्यास सैन्य सहयोग और रणनीतिक विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अभ्यास से भारतीय कमांडो को विदेशी सेना के साथ मिलकर ऑपरेशन करने, अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में रणनीति तैयार करने और आधुनिक सैन्य तकनीकों का इस्तेमाल करने का अनुभव मिलता है।
गरुड़ शक्ति के अलावा भारत और इंडोनेशिया के बीच नौसेना का संयुक्त अभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ और समन्वित समुद्री गश्त भी आयोजित की जाती है। ये गतिविधियां इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करती हैं।गरुड़ शक्ति-2026 का सफल समापन दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज के बीच पेशेवर संबंधों को मजबूत करने और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए संयुक्त तैयारी बढ़ाने की दिशा में अहम उपलब्धि है।











