Ganga Expressway: यूपी पुलिस ने मेरठ से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापाक तैयारियों की शुरुआत कर दी है। इस जरूरी एक्सप्रेसवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी 12 जिलों के कुल 52 थानों को सौंपी गई है। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशों के बाद एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है।
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12 जिलों के पुलिस तंत्र को जोड़ा गया
आपको बता दें कि, इस सुरक्षा व्यवस्था में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे जिलों को शामिल किया गया है। इन सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे यूपी 112 के साथ समन्वय स्थापित करें और पीआरवी (PCR) वाहनों के रूट में गंगा एक्सप्रेसवे को भी शामिल करें।
उद्घाटन से पहले यातायात पूरी तरह बंद रहेगा

गाइडलाइन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से तीन दिन पहले तक इस मार्ग पर किसी भी प्रकार के यातायात की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
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पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था
एडीजी द्वारा निर्देश दिया गया है कि सभी सीओ, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करते रहें। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह बाधा रहित और सुरक्षित रहे। पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
टोल प्लाजा और कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान
गंगा एक्सप्रेसवे पर स्थित सभी टोल प्लाजा पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की रोटेशन व्यवस्था लागू की जाएगी। यहां पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा चुनौती उत्पन्न न हो।
जीरो फेटैलिटी योजना पर काम
डीजीपी के निर्देशों के अनुसार, “जीरो फेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट” योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था

भविष्य में इस एक्सप्रेसवे का उपयोग वीआईपी और विशिष्ट व्यक्तियों के आवागमन के लिए भी किया जाएगा। इसके मद्देनजर पुलिस को स्कॉर्ट, पायलट वाहन और अन्य सुरक्षा इंतजामों की पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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फायर सेफ्टी और आपातकालीन व्यवस्था
मुख्य अग्निशमन अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित फायर स्टेशनों को सक्रिय रखें। जरूरत पड़ने पर तुरंत फायर टेंडर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही एक्सप्रेसवे का रूट मैप तैयार कर किसी भी आगजनी या आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जाएगी।









