Gandhi Jayanti 2026 : गांधी-शास्त्री जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, PM मोदी ने राजघाट-विजय घाट पहुंचकर किया नमन

गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के मौके पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया और फिर विजय घाट जाकर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। दोनों महापुरुषों को देश ने श्रद्धा से याद किया।

Gandhi Jayanti 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

Gandhi Jayanti 2026 : महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को याद किया गया। राजधानी दिल्ली में भी दोनों महान नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें नमन किया।

राजघाट पहुंचकर PM मोदी ने गांधीजी को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गांधी समाधि पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्रपिता को नमन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश को याद किया। राजघाट पर गांधी जयंती के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया।

सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल

राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्व-धर्म प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान महात्मा गांधी के प्रिय भजनों और प्रार्थनाओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गांधीजी के विचारों और देश की आजादी के आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया।

गांधीजी के विचारों को किया गया याद

गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में महात्मा गांधी के जीवन और उनके सिद्धांतों को याद किया गया। सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सामाजिक एकता के उनके संदेशों पर चर्चा हुई। गांधीजी ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनके विचारों का प्रभाव भारत के साथ-साथ दुनियाभर में देखा गया। गांधी जयंती को हर वर्ष 2 अक्टूबर को मनाया जाता है।

विजय घाट पहुंचकर शास्त्री जी को नमन

महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय घाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शास्त्री जी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान देश के लिए लाल बहादुर शास्त्री के योगदान और उनके सरल जीवन को याद किया गया।

‘जय जवान, जय किसान’ के नारे को किया याद

लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उन्होंने देश के सामने मौजूद कई महत्वपूर्ण चुनौतियों के दौरान नेतृत्व किया। शास्त्री जी का दिया हुआ ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी व्यापक रूप से याद किया जाता है। यह नारा देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करता है। उनकी सादगी और ईमानदार सार्वजनिक जीवन की भी चर्चा होती रही है।

दोनों महापुरुषों की जयंती एक ही दिन

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती एक ही दिन मनाई जाती है। 2 अक्टूबर को देशभर में दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाती है। स्कूलों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न संगठनों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया जाता है।

पंचायतों में डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता पर फोकस
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देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में भी गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं तथा स्मारकों पर पुष्प अर्पित किए। कई स्थानों पर प्रार्थना सभाएं, स्वच्छता अभियान और अन्य सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

देश सेवा के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प

2 अक्टूबर का दिन भारत के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इस दिन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े आदर्शों को याद किया जाता है। श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के जरिए दोनों नेताओं के देश के प्रति समर्पण और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजघाट और विजय घाट पहुंचकर श्रद्धांजलि देने के साथ दिल्ली में आयोजित कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र भी यही रहा।

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