G7 Summit Evian: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 52वें जी7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) में भाग लेने के लिए फ्रांस के खूबसूरत रिसॉर्ट शहर एवियां (Évian-les-Bains) पहुंच चुके हैं. सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस तीन दिवसीय उच्च स्तरीय वैश्विक महामंच का औपचारिक उद्घाटन किया था. फ्रांस की धरती पर कदम रखने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर अपने आगमन की आधिकारिक जानकारी साझा की. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वे इस मंच पर विश्व के शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करने और अंतरराष्ट्रीय महत्व के प्रमुख समसामयिक मुद्दों पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान करने के लिए पूरी तरह उत्सुक हैं.
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति ने गर्मजोशी से किया भव्य स्वागत
बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मौजूदा यूरोपीय देशों की राजकीय यात्रा के आखिरी पड़ाव के तहत स्लोवाकिया से जिनेवा होते हुए फ्रांस के एवियन पहुंचे हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देश एक अधिक सतत, समावेशी और समृद्ध भविष्य के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित है. जैसे ही प्रधानमंत्री का विमान जिनेवा हवाई अड्डे पर उतरा, वहां स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पारमेलिन ने स्वयं उपस्थित रहकर उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि हवाई अड्डे पर स्विस राष्ट्रपति के साथ उनकी मुलाकात बेहद सकारात्मक रही और दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई.
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन
आपको बता दे कि, फ्रांस के सुरम्य शहर एवियां-ले-बैंस में आयोजित हो रहा यह 52वां जी7 शिखर सम्मेलन कुल तीन दिनों तक चलेगा. इस अंतरराष्ट्रीय महाधिवेशन में दुनिया की सबसे बड़ी और प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता तथा आमंत्रित साझेदार देशों के राष्ट्रप्रमुख वैश्विक आर्थिक मंदी, भू-राजनीतिक संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर एकत्रित हुए हैं. इस तीन दिवसीय वैश्विक बैठक में हिस्सा लेने के लिए सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. यह सम्मेलन आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीति की नई दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है.
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहित कई ज्वलंत मुद्दों पर महाशक्तियों की चर्चा
इस महासम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति के अलावा दुनिया के कई अन्य बड़े और प्रभावशाली राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा ले रहे हैं. इनमें जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, कनाडाई पीएम मार्क कार्नी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची शामिल हैं. इस बार के शिखर सम्मेलन में अमेरिका-ईरान पीस डील (शांति समझौता), वैश्विक सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़े कई संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर गहन मंथन होने की पूरी उम्मीद है. आपको बता दें कि इस दौरे से ठीक पहले पीएम मोदी ने स्लोवाकिया का अपना सफल दो दिवसीय दौरा संपन्न किया, जिसे उन्होंने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया.










