FSSAI Action: एवरेस्ट की हींग पर FSSAI का बड़ा एक्शन, बिक्री पर लगी रोक; जांच में मिली ये गड़बड़ी

FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स की कंपाउंडेड हींग के सभी वेरिएंट की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सरकारी लैब जांच में कुछ सैंपल मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड पाए गए। अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट निर्धारित 5 फीसदी से कम मिला। लालजी गोधू एंड कंपनी की हींग पर भी गुणवत्ता संबंधी खामियों के चलते कार्रवाई हुई है।

FSSAI Action

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 29, 2026

FSSAI Action: खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर नजर रखने वाली सरकारी संस्था FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स की कंपाउंडेड हींग को लेकर बड़ा कदम उठाया है। FSSAI ने कंपनी की कंपाउंडेड हींग के सभी वेरिएंट की बिक्री पर अगले आदेश तक तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई सरकारी लैब में जांच के दौरान हींग के तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने के बाद की गई है।

एवरेस्ट कंपाउंडेड हींग की जांच में क्या मिला?

FSSAI के मुताबिक, एवरेस्ट की कंपाउंडेड हींग के अलग-अलग सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशाला में जांच की गई। जांच के दौरान कुछ सैंपल मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड पाए गए। सबसे अहम कमी अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा में सामने आई। नियमों के अनुसार कंपाउंडेड हींग में इसकी मात्रा कम से कम 5 फीसदी होनी चाहिए।

जांच में एक सैंपल में अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा 0 फीसदी मिली। वहीं पीली हींग के एक सैंपल में यह मात्रा 3.29 फीसदी और काली हींग के सैंपल में 4.4 फीसदी पाई गई। यानी जांचे गए इन तीनों सैंपलों में मात्रा निर्धारित 5 फीसदी के मानक से कम थी।

अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट क्या है और क्यों जरूरी?

कंपाउंडेड हींग और शुद्ध हींग में अंतर होता है। बाजार में मिलने वाली कंपाउंडेड हींग में असली हींग के अलावा आटा, स्टार्च और अन्य सामग्री भी इस्तेमाल की जाती है। ऐसे में अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानक माना जाता है, जो उत्पाद में घुलनशील हींग वाले घटकों की मात्रा का संकेत देता है।

जांच में एक सैंपल में इसका स्तर 0 फीसदी पाया जाना FSSAI के लिए गंभीर गुणवत्ता संबंधी मुद्दा बना। वहीं अन्य सैंपलों में भी निर्धारित 5 फीसदी से कम मात्रा मिलने के बाद नियामक संस्था ने कंपनी के उत्पादों पर कार्रवाई की।

एवरेस्ट के दूसरे प्रोडक्ट्स पर भी पहले उठ चुके हैं सवाल

FSSAI के आदेश में एवरेस्ट के कुछ अन्य उत्पादों को लेकर सामने आई शिकायतों और लेबल संबंधी खामियों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें चिकन मसाला, गरम मसाला और एग करी पाउडर जैसे उत्पाद शामिल हैं। नियामक के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों से लिए गए कंपाउंडेड हींग के सैंपलों में भी एक जैसी गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आई।

कंपनी को देना होगा एक्शन प्लान

FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स से इस मामले में एक्शन प्लान देने को कहा है। कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि आगे बाजार में भेजे जाने वाले उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। यदि कंपनी की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता या नियमों का पालन नहीं होता है, तो आगे भी नियामक कार्रवाई की जा सकती है।

2024 में भी एवरेस्ट मसाले रहे थे चर्चा में

एवरेस्ट के उत्पादों को लेकर साल 2024 में भी विवाद सामने आया था। उस समय हांगकांग और सिंगापुर में एवरेस्ट समेत कुछ मसाला ब्रांड्स के उत्पादों में एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद भारत में भी FSSAI ने विभिन्न मसालों के सैंपल लेकर जांच की थी। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई का मामला अलग है और इस बार मुख्य मुद्दा कंपाउंडेड हींग की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों से जुड़ा है।

लालजी गोधू एंड कंपनी पर भी FSSAI की कार्रवाई

FSSAI ने लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ भी कंपाउंडेड हींग को लेकर तत्काल रोक का आदेश जारी किया है। जांच में कंपनी की कंपाउंडेड हींग के सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके अलावा कंपाउंडेड हींग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की अलग-अलग किस्मों में भी तय मात्रा से अधिक स्टार्च पाए जाने की बात सामने आई।

कई बैच में लगातार गड़बड़ी मिलने के बाद सख्ती

FSSAI के मुताबिक, लालजी गोधू एंड कंपनी के अलग-अलग बैचों में गुणवत्ता संबंधी खामियां लगातार सामने आईं। इसके बाद नियामक संस्था ने कंपनी की कंपाउंडेड हींग की बिक्री और मैन्युफैक्चरिंग पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब दोनों कंपनियों के संबंधित उत्पादों को लेकर नियामकीय प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।