संघर्ष से सफलता तक: ट्रक ड्राइवर की बेटी ने UPSC में हासिल की बड़ी रैंक

हरिद्वार  फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं। पिता चलाते हैं ट्रक, इकलौती बेटी ने UPSC में लहराया परचम; हासिल की इतनी रैंक यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2025 में उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की फैरुज फातिमा ने भी परचम लहराया है। फातिमा ने एग्जाम में ऑल इंडिया 708वीं रैंक हासिल की है। 27 वर्षीय फातिमा ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की है। परिवार में खुशी की लहर है और बधाईयों का ताता लगा हुआ

Wrriten By :

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Published On :

मार्च 7, 2026

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हरिद्वार 

फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं।

पिता चलाते हैं ट्रक, इकलौती बेटी ने UPSC में लहराया परचम; हासिल की इतनी रैंक

यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2025 में उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की फैरुज फातिमा ने भी परचम लहराया है। फातिमा ने एग्जाम में ऑल इंडिया 708वीं रैंक हासिल की है। 27 वर्षीय फातिमा ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की है। परिवार में खुशी की लहर है और बधाईयों का ताता लगा हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है।

रुड़की के पिरान कलियर की रहने वाली फातिमा के पिता इकबाल अहदम (52) पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं जबकि मां हाउस वाइफ हैं। फातिमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और फिलहाल वह दिल्ली में भारतीय रिजर्व बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर काम कर रही हैं। वे रग्बी खेलने की शौकीन हैं।

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फातिमा ने ये साबित कर दिया है कि हालात कैसे भी हों मेहनत करने वालों से सफलता कोई नहीं छिन सकता। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। माता-पिता की मेहनत ने ही फातिमा को हौसला दिया।

8 साल से तैयारी कर रही थीं फातिमा

सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने फातिमा को पढ़ाई में हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बेटी ने भी माता-पिता की ख्वाहिशों को ध्यान रखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ती गईं। वे करीब 8 साल से तैयारी कर रही थीं और पिछले दो एग्जाम में असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी।
इन उम्मीदवारों ने भी हासिल की सफलता

टिहरी की मीनल नेगी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 66वीं रैंक हासिल की है। मीनल के पिता स्कूल टीचर हैं और उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में एग्जाम पास किया है। वहीं चंपावत के बाराकोट ब्लॉक के छुलापे गांव के अनुज पंत ने 69वीं रैंक हासिल की है। पिथौरागढ़ के राई क्षेत्र के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक हासिल की।

बनाल पट्टी के गुलाडी गांव के होनहार युवा आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की है हालांकि उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस में हुआ है। वहीं उत्तरकाशी के पुरोला स्थित सुनाली गांव के ऋषभ नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन इंडियन सिविल सर्विस के लिए हुआ है।

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