वन मंत्री केदार कश्यप ने चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की

 रायपुर : चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत हुए वन मंत्री केदार कश्यप छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना भोरमदेव अभ्यारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवास  रायपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। मेडिटेशन के लिए उपयुक्त    

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मई 4, 2026

 रायपुर : चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत हुए वन मंत्री केदार कश्यप

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना

भोरमदेव अभ्यारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवास

 रायपुर

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया।

मेडिटेशन के लिए उपयुक्त
      कश्यप ने कहा कि सरोधा दादर का वातावरण इतना सुकून, शांतिपूर्ण और स्फूर्तिदायक है कि यहाँ एक दिन का प्रवास भी कम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यहाँ का मौसम और नैसर्गिक परिवेश मानसिक शांति, योग और ध्यान के लिए सर्वथा उपयुक्त है। पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सतत विकास के कारण छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री कश्यप ने बताया कि सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को भी वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है।

बैगा एथनिक रिजॉर्ट की विशेषता
      मंत्री कश्यप ने रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सानिध्य में पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली का एक अनूठा और जीवंत अनुभव प्राप्त होता है। प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे शीघ्र ही पुनः इस शांत और सुरम्य स्थल का भ्रमण करेंगे। यह प्रवास क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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