Flydubai Cockpit Attack : फ्लाईदुबई कॉकपिट में अचानक हमला, को-पायलट ने क्रैश एक्स से पायलट पर किया वार

फ्लाईदुबई की इजरायल जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर सनसनीखेज घटना हुई। यूएई अभियोजन के मुताबिक, को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने क्रैश एक्स से कप्तान पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। यात्रियों और क्रू ने उसे काबू किया, जिसके बाद विमान की आपात लैंडिंग कराई गई।

Flydubai Cockpit Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 3, 2026

Flydubai Cockpit Attack : शनिवार को मामले की बेहद करीबी जानकारी रखने वाले तीन प्रमुख लोगों, जिनमें खाड़ी देशों और पश्चिमी देशों के वरिष्ठ राजनयिक शामिल हैं, ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इज़राइल की ओर जाने वाली ‘फ्लाईदुबई’ (FlyDubai) की एक उड़ान के दौरान विमान के कैप्टन पर घातक हमला करने वाले आरोपी को-पायलट का नाम हमम अल-हम्मामी है, जो मूल रूप से ओमान का नागरिक है। फ्लाइट में मौजूद सतर्क यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने समय रहते भारी मशक्कत के बाद इस खतरनाक आरोपी को पूरी तरह काबू में कर लिया था।

आतंकी हमले का लगाया गया शक

इस गंभीर घटना की जांच की मुख्य अगुवाई कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर रखी आपातकालीन ‘क्रैश एक्स’ (कुल्हाड़ी) का इस्तेमाल कर कैप्टन पर हमला किया था। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी तरह से एक “आतंकवादी हमले” के तहत विमान पर जबरन कब्जा करने और उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की एक बड़ी साजिश थी। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसने यह कदम अकेले उठाया या इसके पीछे किसी बड़े चरमपंथी संगठन का हाथ है।

फ्लाईदुबई द्वारा नौकरी पर रखने पर उठे सवाल

मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य गोपनीय सूत्र ने बताया कि ओमान की सरकार ने इस को-पायलट को पहले ही उड़ान भरने से रोक दिया था, क्योंकि खुफिया एजेंसियों को पुख्ता शक था कि उसने चरमपंथी और कट्टरपंथी विचार अपना लिए हैं। इसके बावजूद, बाद में संयुक्त अरब अमीरात की प्रमुख एयरलाइन ‘फ्लाईदुबई’ ने इस संदिग्ध को-पायलट को अपनी कंपनी में पायलट के तौर पर नौकरी पर रख लिया। इस बात पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि नौकरी पर रखने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच कितनी गहराई से की गई थी।

अमेरिकी मीडिया का खुलासा

ओमान द्वारा इस व्यक्ति की उड़ानों पर रोक लगाए जाने की खबर सबसे पहले प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ द्वारा दुनिया के सामने लाई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि इसी सनकी को-पायलट ने विमान में सवार कुल 182 निर्दोष यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए विमान को बेहद तेजी से नीचे गिराकर दुर्घटनाग्रस्त करने की खतरनाक कोशिश की थी। इस गंभीर घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों के चयन की प्रक्रिया पर एक बहुत बड़ा और गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

ओमान सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘फ्लाईदुबई’ के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए जारी बयान में कहा कि एयरलाइन अपने शुरुआती आधिकारिक बयानों से ज्यादा कुछ नहीं कह सकती है और उन्होंने स्वीकार किया कि “इस समय जनता और जांचकर्ताओं के मन में कई अनसुलझे सवाल हैं।” दूसरी ओर, ओमान एयर की तरफ से इस गंभीर मामले पर तत्काल कोई भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। घटना सामने आने के बाद से लगातार पूछे जा रहे मीडिया के सवालों पर ओमान सरकार ने भी अब तक सार्वजनिक रूप से पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।