Fish Farming Subsidy: बिहार में मछली पालन के लिए 60% अनुदान, जानें आवेदन की अंतिम तिथि

पटना  बिहार सरकार राज्य में तेजी से कम हो रही देसी मछलियों की प्रजातियों को बचाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना शुरू की है. इसके तहत किसान और इच्छुक लोग देसी मछली पालन पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी/अनुदान का लाभ ले सकते हैं।  इस योजना का मुख्य लक्ष्य देसी मछलियों की घटती प्रजातियों को बचाना और संरक्षण करना है. साथ ही  मछली पालकों (किसानों और मछुआरों) की आय को बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि लोग पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन

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Published On :

जुलाई 8, 2026

पटना 

बिहार सरकार राज्य में तेजी से कम हो रही देसी मछलियों की प्रजातियों को बचाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना शुरू की है. इसके तहत किसान और इच्छुक लोग देसी मछली पालन पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी/अनुदान का लाभ ले सकते हैं। 

इस योजना का मुख्य लक्ष्य देसी मछलियों की घटती प्रजातियों को बचाना और संरक्षण करना है. साथ ही  मछली पालकों (किसानों और मछुआरों) की आय को बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि लोग पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन भी शुरू करें और अच्छी कमाई करें। 

इस सरकारी योजना के तहत माइनर कार्प, कैट फिश, वायु-श्वासी मछलियां, झींगा (श्रिंप) पालन और मोती उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. जिसमें निर्धारित लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलने से मछली पालन की लागत काफी कम हो जाएगी. मत्स्य विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जिसके लिए 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

कैसे करें आवेदन?

    इस योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे.
    इच्छुक लाभार्थी fisheries.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
    आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है.

बिहार के सभी 38 जिलों में लागू होगी योजना
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू रहेगी. योजना के तहत निजी या सरकारी तालाबों, जिन्हें पट्टे पर लिया गया हो, को भी सब्सिडी का लाभ मिलेगा. इसके लिए विकसित हैचरी तकनीक से तैयार अच्छी गुणवत्ता के मछली बीज उपलब्ध कराकर पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। 

इन योजनाओं पर मिलेगा लाभ

    माइनर कार्प पालन मत्स्यिकी योजना (छोटी देशी मछलियां)
    कैट फिश और अन्य देसी मछलियों की पालन योजना
    झींगा पालन योजना
    मोती पालन योजना

बता दें कि एक व्यक्ति या परिवार को पालन मत्स्यिकी के केवल एक अवयव पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा. सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से एक ओर जहां विलुप्त होती देशी मछलियों का संरक्षण होगा. वहीं, दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे. मत्स्य पालन से जुड़े किसान आधुनिक तकनीक के साथ देशी प्रजातियों का पालन कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगे।