FIFA World Cup 2026 : FIFA वर्ल्ड कप शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय बचा है, लेकिन भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के बीच भारी अनिश्चितता का माहौल है। दुनिया के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट का भारत में लाइव टेलीकास्ट होगा या नहीं, इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है। इस बीच, प्रसार भारती के एक हालिया कदम ने फैंस की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। प्रसार भारती ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दूरदर्शन पर इस मेगा इवेंट के प्रसारण की जिम्मेदारी लेने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। यह बयान सीधे तौर पर अदालत में दिया गया है, जिसने करोड़ों प्रशंसकों को निराश कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में इस बार वर्ल्ड कप देखा भी जा सकेगा?
गिरती कीमतें भी नाकाम: ब्रॉडकास्टिंग राइट्स खरीदने में कंपनियों की बेरुखी
भारत में भले ही राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की रैंकिंग वैश्विक स्तर पर बहुत अच्छी न हो, लेकिन देश में फुटबॉल फैंस की कोई कमी नहीं है। ब्राजील, अर्जेंटीना, फ्रांस और स्पेन जैसी दिग्गज टीमों के मैचों को देखने के लिए करोड़ों दर्शक आधी रात को भी टीवी से चिपके रहते हैं। इसी लोकप्रियता को भुनाने के लिए FIFA ने साल 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय बाजार में ब्रॉडकास्टिंग राइट्स बेचने की प्रक्रिया शुरू की थी। शुरुआत में इसकी कीमत लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 930 करोड़ रुपये) तय की गई थी। हालांकि, मोटी रकम और कम मुनाफे के डर से किसी भी बड़ी भारतीय मीडिया कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। मजबूर होकर FIFA को इस कीमत को घटाकर सिर्फ 35 मिलियन डॉलर करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद बाजार से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
फैंस पहुंचे अदालत: दूरदर्शन पर प्रसारण को लेकर कानूनी लड़ाई तेज
जब किसी भी निजी चैनल या ओटीटी प्लेटफॉर्म ने राइट्स नहीं खरीदे, तो फुटबॉल प्रशंसकों के एक समूह ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट में दलील दी कि FIFA वर्ल्ड कप को पहले ही राष्ट्रीय महत्व का टूर्नामेंट घोषित किया जा चुका है। उनका कहना है कि अगर दूरदर्शन जैसे सरकारी और मुफ्त उपलब्ध होने वाले चैनल पर इसका प्रसारण नहीं किया जाता है, तो यह देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का एक तरह से उल्लंघन होगा। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि प्रसार भारती के पास इतने बड़े स्तर पर सैटेलाइट और स्थलीय प्रसारण (Infrastructure) की पूरी व्यवस्था मौजूद है, इसलिए देश हित में उन्हें यह जिम्मेदारी संभालनी चाहिए।
प्रसार भारती का कोर्ट में जवाब: आदेश के बाद भी प्रसारण पर बना सस्पेंस
इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अदालत ने अपने शुरुआती आदेश में यह भी कहा था कि फुटबॉल वर्ल्ड कप को दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स (DD Sports) पर दिखाने के जरूरी इंतजाम किए जाएं। लेकिन, प्रसार भारती इस आदेश को मानने के मूड में नहीं दिख रहा है। बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्होंने साफ कहा कि वे इस वर्ल्ड कप को ब्रॉडकास्ट करने के लिए जवाबदेह नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह पूरी तरह से खारिज नहीं किया है कि दूरदर्शन पर मैच नहीं आएंगे, लेकिन जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में भारतीय दर्शक अंततः मैच कहाँ और कैसे देखेंगे, यह पहेली बनी हुई है।










