सूखे हालात से परेशान किसान: हरियाणा के गांव में गेहूं की बिजाई ठप, वजह चौंकाने वाली

जुलाना जुलाना क्षेत्र के मालवी गांव के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसाती पानी के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे पहले तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और अब करीब सैकड़ों एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। लगातार नुकसान से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण पानी कई दिनों तक खेतों में खड़ा रहा। इससे धान

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Published On :

फ़रवरी 25, 2026

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जुलाना
जुलाना क्षेत्र के मालवी गांव के किसानों को इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसाती पानी के कारण खेतों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे पहले तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और अब करीब सैकड़ों एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई भी नहीं हो सकी। लगातार नुकसान से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

किसानों ने बताया कि बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठीक न होने के कारण पानी कई दिनों तक खेतों में खड़ा रहा। इससे धान की फसल सड़ गई और उत्पादन शून्य के बराबर रहा। किसानों को उम्मीद की थी कि धान के नुकसान की भरपाई गेहूं की फसल से हो जाएगी, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी और कीचड़ के चलते समय पर जुताई और बिजाई संभव नहीं हो पाई। परिणामस्वरूप लगभग सैकड़ों एकड़ में गेहूं की बुआई नहीं हो सकी।

किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण भी कराया है और संबंधित दस्तावेज जमा करवाए हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी भी किसान को मुआवजे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और सिंचाई पर पहले ही हजारों रुपये खर्च हो चुके थे। धान की फसल खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब गेहूं की बिजाई न होने से पूरे सीजन की आमदनी पर संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे करवाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और शीघ्र मुआवजा जारी किया जाए।

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